{"_id":"64cb92d083cccfce2f0ac04d","slug":"apple-orchards-were-planted-in-kullu-for-the-first-time-dr-dinesh-shimla-news-c-19-sml1001-208202-2023-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहली बार कुल्लू में लगाए गए थे सेब के बगीचे : डॉ. दिनेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहली बार कुल्लू में लगाए गए थे सेब के बगीचे : डॉ. दिनेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मशोबरा में सेब दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन
सेब की विभिन्न प्रजातियों पर लगाई गई प्रदर्शनी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा में वीरवार को सेब दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मशोबरा ब्लॉक से 50 से अधिक बागवानों ने भाग लिया।
क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र के सह निदेशक डॉ. दिनेश सिंह ठाकुर ने लोगों को सेब के इतिहास से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि सेब के बगीचे पहली बार 1870 में कुल्लू जिले में और 1887 में क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा तथा उसके बाद 1916 में बारूबाग, कोटगढ़ जिला शिमला में लगाए थे। डॉ. ठाकुर ने शीतोष्ण फलों पर अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण में क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान तथा प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सेब की विभिन्न किस्मों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई।
विज्ञापन
सेब की विभिन्न प्रजातियों पर लगाई गई प्रदर्शनी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा में वीरवार को सेब दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मशोबरा ब्लॉक से 50 से अधिक बागवानों ने भाग लिया।
क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र के सह निदेशक डॉ. दिनेश सिंह ठाकुर ने लोगों को सेब के इतिहास से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि सेब के बगीचे पहली बार 1870 में कुल्लू जिले में और 1887 में क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा तथा उसके बाद 1916 में बारूबाग, कोटगढ़ जिला शिमला में लगाए थे। डॉ. ठाकुर ने शीतोष्ण फलों पर अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण में क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान तथा प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सेब की विभिन्न किस्मों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई।
विज्ञापन