अरे वाह! 40 डिग्री तापमान में उगा दिया ऑर्गेनिक सेब
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कौन कहता है कि सेब की पैदावार सिर्फ ठंडे इलाके में हो सकती है। यह बात शिमला जिले के खखरोला के बागवान रंजीत सिंह ठाकुर ने गलत साबित कर दी है। उन्होंने 40 डिग्री के तापमान वाले इलाके में सेब पैदा कर पुरानी धारणाएं गलत साबित कर दी हैं। उन्होंने नई राह दिखाते हुए बागवानों को बता दिया है कि जहां बर्फ भी नहीं पड़ती, वहां भी गुणवत्ता वाला इटैलियन सेब पैदा किया जा सकता है।
बागवान रंजीत सिंह ने यह बात भी साबित कर दी है कि यदि मन में कुछ करने का जज्बा हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता। उन्होंने करीब 40 डिग्री तापमान में ऑर्गेनिक सेब तैयार कर क्षेत्र के लोगों के सामने मिसाल पेश की है।
करीब बीते चार वर्ष से इटैलियन सेब की विभिन्न किस्मों के पौधे उगाकर सेब का उत्पादन कर रहे हैं। प्रदेश के शिमला जिले को सेब उत्पादक के रूप में जाना जाता है। उम्दा किस्म का सेब ठंडे इलाकों में ही पैदा किया जा सकता है। यह अब सिर्फ भ्रम रह गया है।
रूट स्टॉक पर उगाए करीब तीन सौ इटैलियन पौधे
चालीस डिग्री तापमान वाले गर्म इलाके में भी अच्छी किस्म का सेब तैयार किया जा सकता है। रामपुर उपमंडल के खखरोला गांव के रंजीत सिंह ठाकुर ने मात्र एक वर्ष में ही सेब की विभिन्न विदेशी किस्में तैयार कर क्षेत्र के अन्य किसानों को ऑर्गेनिक कृषि करने की राह दिखाई है।
वे बागवान ही नहीं, बल्कि सरकारी स्कूल में अध्यापक भी हैं। जिस निष्ठा और समर्पण भाव से यह शिक्षक बच्चों को पढ़ाते हैं उसी मेहनत से यह बागवानी भी करते हैं। गांव में पढ़े-लिखे युवा रोजगार की आस लगाए बैठे हैं, उन्हें इनसे प्रेरणा जरूर मिली है।
प्रगतिशील बागवान रंजीत ठाकुर के अनुसार दिसंबर 2014 में उन्होंने रूट स्टॉक पर इटैलियन सेब की विभिन्न किस्मों के पौधे उगाए। इसमें स्कॉलट स्पर, जैरोमाइन, रेड विलोक्स, गाला फिंगल, गाला डिकारली, गाला रेड लूम और सुपर चिप सहित विभिन्न किस्मों के तीन सौ पौधे लगाए हैं।
एक वर्ष पश्चात ही सैंपल के रूप में सेब की फसल मिलने लगी है। अब सेब की अच्छी खासी फसल तैयार हो रही है। यह सेब पूरी तरह से ऑर्गेनिक है।