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अच्छे दाम न मिलने पर बागवान खुद बाहरी मंडियों में बेच रहे सेब
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हैदराबाद, मुंबई, कोलकाता भेजा जा रहा सेब, प्रति पेटी डेढ़ हजार का अंतर
क्रॉसर
जुब्बल, रोहड़ूू, चौपाल से बागवान कर रहे सीधी लोडिंग
200 से 400 रुपये प्रति पेटी पड़ रहा परिवहन का खर्चा
विश्वास भारद्वाज
शिमला। लोकल मंडियों में प्रीमियम क्वालिटी के सेब को संतोषजनक रेट न मिलने पर बागवान अपनी फसल अब सीधे बाहरी राज्यों को भेज रहे हैं। जिले के जुब्बल, कोटखाई, रोहड़ूू और चौपाल से सेब हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई, बैंगलोर और कोलकाता भेजा जा रहा है। शिमला की मंडियों में जहां बढ़िया आकार, रंग और पैकिंग का सेब 2000 से 2300 रुपये बॉक्स बिक रहा है। बाहरी राज्यों की मंडी में 3000 से 3500 रुपये रेट मिल रहे हैं। बाहरी राज्यों तक सेब भेजने पर ट्रांसपोर्टेशन और कमीशन का खर्चा प्रति पेटी 200 से 400 रुपये पड़ रहा है।
हिमालयन एप्पल ग्रोवर सोसायटी के संस्थापक राजीव चौहान ने बताया कि बढ़िया साइज और कलर वाला प्रीमियम क्वालिटी सेब बाहरी राज्यों की मंडियों में अच्छे दाम पर बिक रहा है। छाजपुर, नंदपुर, कठासु और सावड़ा सहित अन्य इलाकों से बागवान चेन्नई के लिए सीधी लोडिंग हो रही है। प्रति पेटी खर्चा 400 से 450 रुपये पड़ रहा है। हालांकि कुछ लोग बाहर की मंडियों में सेब बेचने से डरते हैं।
प्रोग्रेसिव एप्पल ग्रोवर्स एसोसियेशन के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि एसोसियेशन से जुड़े बागवान मुंबई, चेन्नई, बैंगलोर और हैदराबाद भेज रहे हैं। बढ़िया कलर, साइज और पैकिंग वाला सेब 3000 से 3500 रुपये तक बिक रहा है। प्रीमियम क्वालिटी सेब की 10 किलो की गिफ्ट पैक भी दिल्ली और मुंबई में 1200 से 1500 रुपये तक बिक रही है। चौपाल के मड़ावग के बागवान अपना बढ़िया रंग और साइज का सेब चंडीगढ़ भेज रहे हैं। चंडीगढ़ में मड़ावग के सेब को बढ़िया रेट मिल रहे हैं। रोहड़ूू के कई बागवान मुंबई के लिए भी सेब की सीधी लोडिंग कर रहे हैं। 200 से 300 रुपये ट्रांसपोटेशन और कमीशन का खर्चा काट कर भी मुंबई में प्रीमियम क्वालिटी का सेब शिमला की मंडियों के मुकाबले बढ़िया बिक रहा है।
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मुंबई में 2800 रुपये बिका
विक्की चौहान का सेब
प्रसिद्ध पहाड़ी लोक गायक विक्की चौहान का सेब मुंबई की वासी और धारावी मंडी में 2800 रुपये प्रति पेटी के दाम पर बिका है। विक्की चौहान का बागीचा जुब्बल के छाजपुर में है। सालाना करीब 3 से 4 हजार पेटी सेब उत्पादन होता है। बताया कि बढ़िया रंग, आकार और पैकिंग में सेब को मुंबई में अच्छे रेट मिल रहे हैं। पेमेंट भी नहीं लटकती। चेक एक हफ्ते में क्लीयर हो रहे हैं।
अदानी के बाद देवभूमि ने भी किया निराश
शिमला। अदानी के बाद देवभूमि ने भी बागवानों को निराश किया है। मंगलवार को देवभूमि कोल्ड चेन प्राइवेट लिमिटेड मतियाना ने इस सीजन के लिए सेब खरीद के रेट जारी किए। 80 से 100 फीसदी रंग वाले लार्ज, मीडियम, स्मॉल सेब के लिए 72 रुपये प्रति किलो, जबकि किन्नौर के लिए 73 रुपये, एक्सट्रा लार्ज 80 से 100 फीसदी रंग के लिए 62 रुपये प्रति किलो जबकि किन्नौर के लिए 63 रुपये, 80 से 100 फीसदी रंग वाला पित्तू शिमला और किन्नौर के लिए 42 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया है।
छोटे साइज का सेब 12 से 15 रुपये किलो खरीदा जाएगा। देवभूमि के लिए बागवानों को अपना सेब क्रेटों में कलेक्शन सेंटर तक लाना होगा। पहले दो दिनों के लिए रेट तय किए गए हैं। देवभूमि के महाप्रबंधक नीरज कुमार ने बताया कि मौजूदा मार्केट का आंकलन करने के बाद रेट जारी किए हैं। शिमला की अपेक्षा किन्नौर के लिए ऊंचे रेट जारी किए गए हैं। कंपनी कल से मतियाना स्थित कोल्ड स्टोर में सेब खरीद शुरू करेगी। मार्केट की स्थिति के अनुसार भी रेट में बदलाव किया जाएगा।
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क्रॉसर
जुब्बल, रोहड़ूू, चौपाल से बागवान कर रहे सीधी लोडिंग
200 से 400 रुपये प्रति पेटी पड़ रहा परिवहन का खर्चा
विश्वास भारद्वाज
शिमला। लोकल मंडियों में प्रीमियम क्वालिटी के सेब को संतोषजनक रेट न मिलने पर बागवान अपनी फसल अब सीधे बाहरी राज्यों को भेज रहे हैं। जिले के जुब्बल, कोटखाई, रोहड़ूू और चौपाल से सेब हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई, बैंगलोर और कोलकाता भेजा जा रहा है। शिमला की मंडियों में जहां बढ़िया आकार, रंग और पैकिंग का सेब 2000 से 2300 रुपये बॉक्स बिक रहा है। बाहरी राज्यों की मंडी में 3000 से 3500 रुपये रेट मिल रहे हैं। बाहरी राज्यों तक सेब भेजने पर ट्रांसपोर्टेशन और कमीशन का खर्चा प्रति पेटी 200 से 400 रुपये पड़ रहा है।
हिमालयन एप्पल ग्रोवर सोसायटी के संस्थापक राजीव चौहान ने बताया कि बढ़िया साइज और कलर वाला प्रीमियम क्वालिटी सेब बाहरी राज्यों की मंडियों में अच्छे दाम पर बिक रहा है। छाजपुर, नंदपुर, कठासु और सावड़ा सहित अन्य इलाकों से बागवान चेन्नई के लिए सीधी लोडिंग हो रही है। प्रति पेटी खर्चा 400 से 450 रुपये पड़ रहा है। हालांकि कुछ लोग बाहर की मंडियों में सेब बेचने से डरते हैं।
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प्रोग्रेसिव एप्पल ग्रोवर्स एसोसियेशन के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि एसोसियेशन से जुड़े बागवान मुंबई, चेन्नई, बैंगलोर और हैदराबाद भेज रहे हैं। बढ़िया कलर, साइज और पैकिंग वाला सेब 3000 से 3500 रुपये तक बिक रहा है। प्रीमियम क्वालिटी सेब की 10 किलो की गिफ्ट पैक भी दिल्ली और मुंबई में 1200 से 1500 रुपये तक बिक रही है। चौपाल के मड़ावग के बागवान अपना बढ़िया रंग और साइज का सेब चंडीगढ़ भेज रहे हैं। चंडीगढ़ में मड़ावग के सेब को बढ़िया रेट मिल रहे हैं। रोहड़ूू के कई बागवान मुंबई के लिए भी सेब की सीधी लोडिंग कर रहे हैं। 200 से 300 रुपये ट्रांसपोटेशन और कमीशन का खर्चा काट कर भी मुंबई में प्रीमियम क्वालिटी का सेब शिमला की मंडियों के मुकाबले बढ़िया बिक रहा है।
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मुंबई में 2800 रुपये बिका
विक्की चौहान का सेब
प्रसिद्ध पहाड़ी लोक गायक विक्की चौहान का सेब मुंबई की वासी और धारावी मंडी में 2800 रुपये प्रति पेटी के दाम पर बिका है। विक्की चौहान का बागीचा जुब्बल के छाजपुर में है। सालाना करीब 3 से 4 हजार पेटी सेब उत्पादन होता है। बताया कि बढ़िया रंग, आकार और पैकिंग में सेब को मुंबई में अच्छे रेट मिल रहे हैं। पेमेंट भी नहीं लटकती। चेक एक हफ्ते में क्लीयर हो रहे हैं।
अदानी के बाद देवभूमि ने भी किया निराश
शिमला। अदानी के बाद देवभूमि ने भी बागवानों को निराश किया है। मंगलवार को देवभूमि कोल्ड चेन प्राइवेट लिमिटेड मतियाना ने इस सीजन के लिए सेब खरीद के रेट जारी किए। 80 से 100 फीसदी रंग वाले लार्ज, मीडियम, स्मॉल सेब के लिए 72 रुपये प्रति किलो, जबकि किन्नौर के लिए 73 रुपये, एक्सट्रा लार्ज 80 से 100 फीसदी रंग के लिए 62 रुपये प्रति किलो जबकि किन्नौर के लिए 63 रुपये, 80 से 100 फीसदी रंग वाला पित्तू शिमला और किन्नौर के लिए 42 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया है।
छोटे साइज का सेब 12 से 15 रुपये किलो खरीदा जाएगा। देवभूमि के लिए बागवानों को अपना सेब क्रेटों में कलेक्शन सेंटर तक लाना होगा। पहले दो दिनों के लिए रेट तय किए गए हैं। देवभूमि के महाप्रबंधक नीरज कुमार ने बताया कि मौजूदा मार्केट का आंकलन करने के बाद रेट जारी किए हैं। शिमला की अपेक्षा किन्नौर के लिए ऊंचे रेट जारी किए गए हैं। कंपनी कल से मतियाना स्थित कोल्ड स्टोर में सेब खरीद शुरू करेगी। मार्केट की स्थिति के अनुसार भी रेट में बदलाव किया जाएगा।