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Shimla News: सेब की चटनी और आचार बना लोगों की पहली पसंद
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खादी महोत्सव के स्टॉलों में उमड़ रही भीड़
शहद और लिंगड़ का आचार भी खूब खरीद रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक रिज मैदान पर चल रहे खादी महोत्सव में स्थानीय लोगों के साथ शिमला घूमने आए पर्यटक भी खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। महोत्सव के स्टॉलों में हिमाचली सेब की बनी चटनी, शहद के साथ ही प्राकृतिक रूप से उगने वाले लिंगड़, आम, लहसुन का आचार लोगों को खूब पसंद आ रहा है।
विक्रेता इस खाद्य सामग्री को पर्यटकों और यहां आने वाले लोगों को चखा कर ही बेच रहे हैं। इन उत्पादों के स्वाद को चखने के बाद वह इन्हें खरीद कर घर ले जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। शहद को अधिकतर पर्यटक ही खरीद रहे हैं। महोत्सव के स्टाॅल पर रॉयल और गोल्डन सेब की मांग अधिक है। कोटखाई के निक्षय ने बताया कि इस चटनी में काली मिर्च, अदरक और सेंधा नमक जैसे मसालों को मिलाया जाता है, जिससे इसका जायका बनता है। चटनी को यहां आने वाले लोग पसंद कर खरीद रहे हैं। उन्होंने बताया कि सेब के अलावा पलम, नाशपाती और किवी की चटनी भी उपलब्ध है। आचार बेचने वाली ईशा ने बताया कि उनके स्टॉल पर लिंगड़ का आचार अधिक पसंद किया जा रहा है। इसके साथ ही जायके के शौकीन पर्यटक और शिमला के लोग आम का आचार, मिक्स आचार, लहसुन का आचार, घंडयाली का आचार, नींबू का आचार, लसुड़ा का आचार और गोभी-गाजर का आचार भी खूब पसंद कर रहे हैं। महोत्सव में जंगली शहद और कश्मीर के सफेद शहद को भी रखा है।
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शहद और लिंगड़ का आचार भी खूब खरीद रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक रिज मैदान पर चल रहे खादी महोत्सव में स्थानीय लोगों के साथ शिमला घूमने आए पर्यटक भी खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। महोत्सव के स्टॉलों में हिमाचली सेब की बनी चटनी, शहद के साथ ही प्राकृतिक रूप से उगने वाले लिंगड़, आम, लहसुन का आचार लोगों को खूब पसंद आ रहा है।
विक्रेता इस खाद्य सामग्री को पर्यटकों और यहां आने वाले लोगों को चखा कर ही बेच रहे हैं। इन उत्पादों के स्वाद को चखने के बाद वह इन्हें खरीद कर घर ले जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। शहद को अधिकतर पर्यटक ही खरीद रहे हैं। महोत्सव के स्टाॅल पर रॉयल और गोल्डन सेब की मांग अधिक है। कोटखाई के निक्षय ने बताया कि इस चटनी में काली मिर्च, अदरक और सेंधा नमक जैसे मसालों को मिलाया जाता है, जिससे इसका जायका बनता है। चटनी को यहां आने वाले लोग पसंद कर खरीद रहे हैं। उन्होंने बताया कि सेब के अलावा पलम, नाशपाती और किवी की चटनी भी उपलब्ध है। आचार बेचने वाली ईशा ने बताया कि उनके स्टॉल पर लिंगड़ का आचार अधिक पसंद किया जा रहा है। इसके साथ ही जायके के शौकीन पर्यटक और शिमला के लोग आम का आचार, मिक्स आचार, लहसुन का आचार, घंडयाली का आचार, नींबू का आचार, लसुड़ा का आचार और गोभी-गाजर का आचार भी खूब पसंद कर रहे हैं। महोत्सव में जंगली शहद और कश्मीर के सफेद शहद को भी रखा है।
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