{"_id":"5d298ba08ebc3e6cd405f6d9","slug":"apmc-in-himachal-pradesh-and-action-against-agents-for-fraud-with-apple-farmers","type":"story","status":"publish","title_hn":"लदानी बागवान भुगतान किए बिना भागा तो नपेगा आढ़ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लदानी बागवान भुगतान किए बिना भागा तो नपेगा आढ़ती
Sat, 13 Jul 2019 01:13 PM IST
अरविन्द ठाकुर
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 13 Jul 2019 01:13 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेब सीजन के दौरान बाहरी राज्यों के सेब खरीदारों पर सरकार ने शिकंजा कस दिया है। अब सेब लदानियों का पंजीकरण संबंधित आढ़तियों के जिम्मे रहेगा। अगर लदानी सेब खरीदकर गायब होता है और माल का भुगतान नहीं करता है तो ऐसी स्थिति में संबंधित आढ़ती से बकाया धनराशि की वसूली की जाएगी।
विज्ञापन
बागवानों को चूना लगाकर गायब होने वाले बाहरी राज्यों के लदानियों पर इस बार शिकंजा कस दिया है। सरकार की ओर से जारी निर्देशों के बाद इस व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाएगा। नई व्यवस्था में सेब की खरीदारी के लिए बाहरी राज्यों से आने वाले लदानियों का पंजीकरण उसी आढ़ती को करना होगा, जिसके माध्यम से बागवान सेब बेचेगा।
विज्ञापन
आढ़तियों को लदानियों का पंजीकरण कराने के साथ उसके नाम और पते की वेरिफिकेशन भी अपने स्तर पर ही करानी होगी। लदानी के नाम और पते की वेरिफिकेशन करने के बाद संबंधित क्षेत्र के एसपी को इसकी सूचना भी देनी होगी। इसके बाद भी अगर लदानी बागवान से सेब खरीदने के बाद गायब होता है तो पहले उसकी छानबीन की जाएगी।
विज्ञापन
अगर लदानी पकड़ में नहीं आता है तो फिर स्थानीय आढ़ती से बकाया राशि की वसूली की जाएगी। एपीएमसी शिमला किन्नौर के सचिव देव राज कश्यप कहते हैं कि लदानियों के नाम पते की पुष्टि संबंधित आढ़ती को करनी होगी। इसके बाद संबंधित क्षेत्रों के एसपी को भी यह जानकारी उपलब्ध करानी होगी। उनका कहना है कि अगर लदानी सेब का भुगतान न करके गायब होता है तो रिकवरी संबंधित आढ़ती से की जाएगी।