'वीरभद्र से बात करने को चुनाव लड़ना जरूरी है क्या?'
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भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि वीरभद्र सिंह से बात करने के लिए क्या चुनाव लड़ना जरूरी है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए अनुराग ने कहा कि एक नौजवान ने उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़े सवाल किए हैं, तो क्या वह महज इसलिए उसे गंभीर नहीं मानते कि युवक ने चुनाव नहीं लड़ा।
अनुराग ने शुक्रवार को ऊना में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आज तीन साल पूरे होने के बाद भी प्रदेश की कांग्रेस सरकार के पास जनता को दिखाने के लिए कुछ नहीं। लिहाजा वीरभद्र सिंह अब व्यक्तिगत आरोपों की राजनीति पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि 2003 से लेकर अब तक वीरभद्र सिंह क्रिकेट के पीछे हाथ धोकर पड़े हुए हैं।
लेकिन इससे उन्हें कुछ हासिल नहीं होने वाला। सीएम की हालत ऐसी है कि वह विधानसभा में तो सोए हुए पाए जाते हैं, जनसभाओं में भी। उन्होंने बनते ही भंग होने वाली वीरभद्र ब्रिगेड पर तंज कसते हुए कहा कि पहले राहुल ब्रिगेड बनी थी, कांग्रेस सांसदों की संख्या 44 रह गई।
अब हिमाचल की बारी है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने अपने कार्यकाल में एक दिन में ढाई किलोमीटर सड़क बनती थी। हमने 18 किलोमीटर बनाकर दिखाई। उनके साथ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती, विधायक वीरेंद्र कंवर, सुमीत शर्मा, राज कुमार पठानिया आदि मौजूद रहे।
उमेश सहित अन्स को लाया जाएगा वापस
अनुराग ठाकुर ने सऊदी अरब में फंसे ऊना के पिरथीपुर के उमेश की घर वापसी के सवाल पर कहा कि अकेला उमेश ही नहीं, बल्कि और भी भारतीय विदेश में फंसे हैं। उन्हें वापस लाने का प्रयास केंद्र सरकार कर रही है। उन्होंने इस मामले में पिछले दिनों आप सांसद भगवंत मान के बयान पर कहा कि आम आदमी पार्टी शिकायतों की पार्टी है। यह मामला उनके ध्यान में पहले से ही है।
संसद में उठाऊंगा मामला : भगवंत मान
उमेश के मामले में पंजाब के संगरूर से आप सांसद भगवंत मान ने दूरभाष पर बताया कि उन्हें 21 अप्रैल को विदेश मंत्री से अप्वाइंटमेंट मिली है। वह इस मसले को उठाएंगे। अन्यथा 25 से शुरू हो रहे संसद के सत्र में यह मामला उठाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि भगवंत मान ने 5 अप्रैल को ऊना में आयोजित रैली में दस दिन के भीतर उमेश को वापस लाने का दावा खुले मंच से किया था।