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ब्रैकल मामले के खिलाफ खुलेगी एक और जांच, विजिलेंस ने मांगी मंजूरी

Thu, 25 Oct 2018 10:21 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 25 Oct 2018 10:21 AM IST
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Another inquiry will open against the Brachal  case in himachal
प्रतीकात्मक तस्वीर

बहुचर्चित जंगी थोपन-पोवारी बिजली प्रोजेक्ट मामले मेें ब्रैकल कॉरपोरेशन पर एक और जांच शुरू करने की तैयारी है। विजिलेंस ब्यूरो ने सरकार से कंपनी के नाम पर फर्जी दस्तावेज के आरोपों की जांच शुरू करने के लिए मंजूरी मांगी है।

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राज्य सरकार पहले ही ब्रैकल मामले में अदानी कंपनी को 280 करोड़ का अपफ्रंट प्रीमियम लौटाने के पिछली सरकार के मंत्रिमंडल के फैसले पर जांच शुरू कर चुकी है। अब ये जांच ब्रैकल कंपनी के नाम पर पेश दस्तावेजों की शुरू की जा रही है, जिन्हें प्रथम दृष्टया फर्जी माना जा रहा है। 
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किन्नौर में 960 मेगावाट के बिजली प्रोजेक्ट को साल 2006 में ब्रैकल कॉरपोरेशन को आवंटित किया था। इस प्रोजेक्ट को न बनाने और न लागू कर पाने पर इसे 2009 में ब्रैकल से वापस ले लिया था।

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कुछ भी कहने से बच रहे अधिकारी

Another inquiry will open against the Brachal  case in himachal

इसी बीच, ब्रैकल कॉरपोरेशन ने इस परियोजना का 280 करोड़ रुपये का अपफ्रंट प्रीमियम हिमाचल सरकार को देना था, जो समय पर नहीं दिया।बाद में इसे अदानी कंपनी ने जमा किया। इसकी जानकारी ब्रैकल कॉरपोरेशन ने सरकार को दी।

ब्रैकल और अदानी कंपनियों में साझेदारी का एक करार हुआ था, मगर इसे सरकार ने मंजूरी नहीं दी। बाद में ब्रैकल ने इस पैसे को वापस अदानी को लौटाने की सरकार से दरख्वास्त की।

इसी बीच रिलायंस कंपनी ने भी पेशकश की है कि यह प्रोजेक्ट अगर उसे दिया जाए तो अपफ्रंट प्रीमियम वह जमा कर देगा, मगर बाद में वह भी पीछे हट गया। दो दिन पहले हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जंगी थोपन-पोवारी प्रोजेक्ट एसजेवीएनएल को दे दिया।

दूसरी ओर विजिलेंस ने सरकार को एक पत्र भेजकर ब्रैकल कंपनी की ओर से पेश दस्तावेजों में फर्जीवाडे़ का संदेह जताते हुए इस मामले पर भी जांच बैठाने का अनुरोध किया है।

मुख्य सचिव बीके अग्रवाल से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने गृह विभाग को ही इसकी जानकारी होने की बात की। वहीं गृह विभाग के अधिकारी इस बारे में कुछ कहने से बच रहे हैं। 

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