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केएनएच शिफ्ट करने की असल वजह, सरकार की मंशा बेनकाब: समिति
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अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने कहा, सरकार ने गुप्त योजना की तैयार
केएनएच में ही चलना चाहिए गायनी और मातृ एवं शिशु अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल के शिफ्ट करने की सरकार की असल वजह सामने आ गई है। साथ ही सरकार की मंशा भी बेनकाब हो गई है। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने सरकार पर केएनएच शिफ्ट करने के मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। समिति का कहना है कि सरकार चले चलाए अस्पताल को उजाड़ने का कार्य कर रही है। इसे उजाड़ कर विधायक होस्टल बनाने की मंशा भी सामने आ गई है। सरकार को महिलाओं के स्वास्थ्य से कोई भी लेना-देना नहीं है, केवल विधायकों की चिंता है।
समिति की राज्य महासचिव फालमा चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरेआम लोगों को गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं। पहले उन्होंने केवल गायनी विभाग को आईजीएमसी में शिफ्ट करने के पीछे रोबोटिक सर्जरी की सुविधा देना कारण बताया था। साथ ही कहा था कि मातृ एवं शिशु अस्पताल को शिफ्ट नहीं किया जाएगा लेकिन वे अपने ही बोली हुई बातों पर कोई भी गौर नहीं फरमा रहे हैं। अब मातृ एवं शिशु अस्पताल को भी आईजीएमसी में शिफ्ट करने का योजना सरकार ने बना दी है। सरकार एक ही छत के नीचे दोनों सुविधाओं को देने के नाम पर महिलाओं को परेशान करने का कार्य कर रही है। केएनएच से मातृ एवं शिशु अस्पताल को शिफ्ट करने के बाद कुछ नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की प्राइवेसी को ध्यान में रखकर केएनएच में ही गायनी और मातृ एवं शिशु अस्पताल की सुविधा मिलनी चाहिए। अगर सरकार फैसले को वापस नहीं लेती है तो महिलाएं सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगी।
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केएनएच में ही चलना चाहिए गायनी और मातृ एवं शिशु अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल के शिफ्ट करने की सरकार की असल वजह सामने आ गई है। साथ ही सरकार की मंशा भी बेनकाब हो गई है। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने सरकार पर केएनएच शिफ्ट करने के मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। समिति का कहना है कि सरकार चले चलाए अस्पताल को उजाड़ने का कार्य कर रही है। इसे उजाड़ कर विधायक होस्टल बनाने की मंशा भी सामने आ गई है। सरकार को महिलाओं के स्वास्थ्य से कोई भी लेना-देना नहीं है, केवल विधायकों की चिंता है।
समिति की राज्य महासचिव फालमा चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरेआम लोगों को गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं। पहले उन्होंने केवल गायनी विभाग को आईजीएमसी में शिफ्ट करने के पीछे रोबोटिक सर्जरी की सुविधा देना कारण बताया था। साथ ही कहा था कि मातृ एवं शिशु अस्पताल को शिफ्ट नहीं किया जाएगा लेकिन वे अपने ही बोली हुई बातों पर कोई भी गौर नहीं फरमा रहे हैं। अब मातृ एवं शिशु अस्पताल को भी आईजीएमसी में शिफ्ट करने का योजना सरकार ने बना दी है। सरकार एक ही छत के नीचे दोनों सुविधाओं को देने के नाम पर महिलाओं को परेशान करने का कार्य कर रही है। केएनएच से मातृ एवं शिशु अस्पताल को शिफ्ट करने के बाद कुछ नहीं बचेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की प्राइवेसी को ध्यान में रखकर केएनएच में ही गायनी और मातृ एवं शिशु अस्पताल की सुविधा मिलनी चाहिए। अगर सरकार फैसले को वापस नहीं लेती है तो महिलाएं सड़कों पर उतरकर विरोध करेंगी।
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