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अस्पताल के लेबर रूम में गर्भवती महिला की मौत, हंगामा

Sun, 18 Sep 2016 07:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी Updated Sun, 18 Sep 2016 07:24 PM IST
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Anger over Mandi zonal hospital treatment after pregnant woman dies

जोनल अस्पताल मंडी के लेबर रूम में प्रसव से पहले गर्भवती महिला की मौत हो गई। महिला के परिजनों ने लेबर रूम में तैनात स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन के लचर प्रबंधन से जच्चा-बच्चा की जान गई है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और लेबर रूम के स्टाफ के खिलाफ डीसी और पुलिस से शिकायत कर दी है।

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परिजनों ने अस्पताल में हंगामा भी किया। गर्भवती महिला के साथ आई देवरानी नागेंद्रा ने बताया कि उसकी जेठानी प्रोमिला पत्नी भवन कुमार निवासी त्रैंबला को 15 सितंबर को प्रसव पीड़ा हुई। उसी दिन उसे जोनल अस्पताल मंडी लाया गया और शाम को उसे दाखिल कर लिया। उस दिन गायनी वार्ड में किसी गायनी विशेषज्ञ ने उसकी जांच नहीं की।
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उसके अगले दिन छुट्टी होने के कारण कोई डाक्टर गायनी वार्ड में जांच के लिए नहीं आए। 17 सितंबर को गायनी विशेषज्ञ ने सुबह लगभग 11 बजे प्रोमिला देवी को चेक किया और दवाई शुरू की। रात को हल्की प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। रविवार सुबह लगभग चार बजे प्रसव पीड़ा तेज हो गई। लेबर रूम में तैनात स्टाफ को जब इस बारे में बताया तो उसे लेबर रूम ले जाया गया। उन्होंने वहां तैनात स्टाफ से डाक्टर को बुलाने को कहा तो उन्होंने कहा कि यह सामान्य पीड़ा है।
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इसके बाद उसे ग्लूकोज में मिलाकर इंजेक्शन लगाया गया। कुछ देर बाद प्रसव पीड़ा अचानक बंद हो गई। इतने में डाक्टर भी वहां पहुंच गए, लेकिन डाक्टर के पहुंचने के कुछ ही देर बाद जच्चा व बच्चा की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि डाक्टर के पहुंचने से कुछ देर पहले बच्चे की गर्भ में मौत हो गई थी। इसके चलते महिला की भी मौत हो गई। नागेंद्रा का कहना है कि यह सब विभाग की लापरवाही से हुआ है।

अगर समय पर उसकी जेठानी को चिकित्सा सुविधा मिल जाती तो उसकी जान बच सकती थी। इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. देशराज शर्मा ने कहा कि अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई है। वहीं, एसपी मंडी प्रेम ठाकुर ने कहा कि महिला के परिजनों की शिकायत मिली है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

तीन दिन पहले अस्पताल में भर्ती थी गर्भवती महिला, नहीं बचा पाए

Anger over Mandi zonal hospital treatment after pregnant woman dies

जोनल अस्पताल मंडी में गायनी विशेषज्ञों को रात में या छुट्टियों में सिर्फ ऑन कॉल बुलाने की व्यवस्था की पोल खुलने लगी हैं। गर्भवती महिला की हालत बिगड़ने पर इमरजेंसी में छुट्टी के दिन कॉल करने पर चिकित्सक समय पर नहीं पहुंच पाए। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है। स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र की गर्भवती महिला पिछले तीन दिन से मंडी अस्पताल में दाखिल थी।

बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन उसे लेबर रूम में दो घंटे रखने पर भी नहीं बचा पाया। त्रैंबंला पंचायत के प्रधान दीनानाथ की अनुवाई में लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने डीसी मंडी संदीप कदम को लिखित में शिकायत की है जिसमें लेबर रूम में तैनात स्टाफ व

अस्पताल प्रबंधन की लचर व्यवस्था पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। त्रैंबंला पंचायत के प्रधान दीनानाथ, भूपेश ठाकुर, मनोज कुमार, उमेश कुमार, राजेश कुमार, महेश, वीरी सिंह, इंद्र सिंह, हवन कुमार, नानक चंद, दीनानाथ व महेंद्र पाल ने कहा कि इस प्रकार की घटना के लिए अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ जिम्मेदार है।

सिर्फ दिन को ही सेवाएं देते हैं गायनी विशेषज्ञ
वर्तमान में जोनल अस्पताल मंडी में तीन गायनी विशेषज्ञ तैनात हैं जो कि सिर्फ दिन में ही सेवाएं देते हैं। जिस कारण गायनी ओपीडी में दाखिल गर्भवती महिलाओं को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अगर अस्पताल प्रबंधन एक गायनी

विशेषज्ञ को सिर्फ गायनी वार्ड में रात को तैनात करे तो इससे गर्भवती महिलाओं के साथ इस प्रकार की घटना नहीं होगी। डीसी मंडी संदीप कदम ने कहा कि त्रैंबला पंचायत के लोगों की शिकायत मिली है। स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।

बेटे की चाह ने उसे ही दुनिया से उठा लिया- जोनल अस्पताल मंडी के लेबर रूम में जिस गर्भवती महिला की प्रसव से पहले मौत हुई है, वह पहले से ही दो बेटियों की मां थी। दो बहनों के सिर से मां का साया छिन गया है। महिला प्रोमिला की बड़ी बेटी पलक चौथी कक्षा और छोटी बेटी तेजस्वी दूसरी कक्षा में पढ़ती है। बेटे की चाह ने उसे ही इस दुनिया से उठा लिया।

बताया जा रहा है कि प्रोमिला के गर्भ में पल रहा नवजात बेटा था। मृतका का पति भवन कुमार मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। भवन कुमार पर इस घटना के बाद मुसीबतों का पहाड़ टूट गया है। रविवार को सुबह जोनल अस्पताल मंडी के लेबर रूम में प्रसव से पहले अस्पताल प्रबंधन के लचर व्यवस्था के कारण द्रंग क्षेत्र की त्रैंबली पंचायत की गर्भवती प्रोमिला ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही त्रैंबली पंचायत और प्रोमिला के परिवार के सैकड़ों लोग अस्पताल पहुंचे।

परिजनों ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए अस्पताल प्रबंधन व लेबर रूम के स्टाफ को जिम्मेदार ठहराया है। भवन कुमार ने कहा कि उसकी दोनों बेटियों का जन्म घर पर ही हुआ है। इस बार उन्होंने अस्पताल में प्रसव करवाना उचित समझा था। उसकी पत्नी ने गर्भावस्था में सभी टेस्ट और चेकअप रूटीन में करवाए थे।

डाक्टर ने 13 सितंबर को प्रसव की डेट दी थी। कहा था कि आपकी पत्नी का सामान्य प्रसव होना है। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए अस्पताल प्रबंधन, डाक्टर और लेबर रूम का स्टाफ जिम्मेवार है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह व जिला प्रशासन से इस मामले में जांच करने की गुहार लगाई है।

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