हिमाचल चुनावों पर भाजपा का मंथन, टिकट के दावेदारों की लंबी चौड़ी फौज
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विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व दिल्ली में मंथन कर रहा है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी से पहले हिमाचल भाजपा नेताओं की बैठक में अहम दिशा-निर्देश दिए। शाह ने प्रचार अभियान कार्यक्रमों, विभिन्न मोर्चों के अभियान और प्रत्याशी चयन प्रक्रिया की जानकारी भी ली।
हर सीट पर टिकट के दावेदारों की लंबी चौड़ी फौज से असंतोष पर अभी से लगाम कसने की हिदायत दी गई। पार्टी प्रत्याशी सूची जारी करने से पहले इस मामले में पुख्ता डैमेज कंट्रोल चाहती है।
प्रदेश नेतृत्व को अवगत करवाया गया कि आचार संहिता लागू होने एक सप्ताह के भीतर टिकट फाइनल कर लिए जाएंगे। केंद्रीय नेतृत्व ने एक सीट पर कई दावेदार होने की स्थिति पर फीडबैक लेने के बाद असंतुष्टों को अभी से मनाने के निर्देश दिए हैं।
सर्वेक्षण के आधार पर ही मिलेगी टिकट
भाजपा में विस चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। 25 सितंबर को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से पहले शाह ने हिमाचल के नेताओं से तैयारियों पर चर्चा की। प्रदेश चुनाव प्रभारी थावर चंद गहलोत, प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय समेत पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, शांता कुमार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती सहित सभी सांसद बैठक में मौजूद रहे।
पार्टी के चुनाव कार्यक्रमों को और तेज करने के लिए प्रदेश नेतृत्व से सुझाव लिए गए। प्रदेश के नेताओं ने चारों संसदीय क्षेत्रों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली करवाने की पैरवी की है। आचार संहिता से पहले पीएम की 3 अक्तूबर को प्रस्तावित बिलासपुर रैली की तैयारियों तेज करने की सलाह दी है।
कुछ नेताओं ने एक सीट से कई दावेदार होने के चुनावी नुकसान को भी उठाया। सूत्रों की मानें तो केंद्रीय नेतृत्व ने साफ किया है कि सर्वेक्षण के आधार पर आम राय के बाद जो प्रत्याशी तय होगा, उसके समर्थन में सभी को आना होगा। अगर किसी ने बगावत की तो उसे पार्टी से बाहर किया जा सकता है। प्रदेश प्रभारी और चुनाव प्रभारी को हर सीट पर दावेदारों को समझाने को कहा है।