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umeed ki mashal: चाय की केतली, बिस्किट लेकर बेसहारा लोगों की तलाश में निकलता है दंपती
Mon, 30 May 2022 12:43 PM IST
अरविन्द ठाकुर
त्रिपुरारी सांख्यान, संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
त्रिपुरारी सांख्यान, संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 30 May 2022 12:43 PM IST
सार
मंडी शहर के वार्ड पैलेस कॉलोनी एक के हरदीप सिंह राजा और उनकी पत्नी गुरदीप कौर रोजाना सुबह छह बजे स्कूटी पर निकलते हैं। शहर में जो भी जरूरतमंद दिखता है उसे चाय और नाश्ता देते हैं।
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मंडी में लोगों को चाय पिलाते हरदीप सिंह।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
महंगाई के इस दौर में जहां लोगों को परिवार के लिए दो समय की रोटी कमाना कठिन हो जाता है, वहीं मंडी का एक दंपती दस सालों से गरीबों, जरूरतमंदों और बेसहारा लोगों का सहारा बना हुआ है। दंपती रोजाना सुबह छह से आठ बजे तक हाथ में चाय की केतली लेकर और रस, बिस्किट और ब्रेड लेकर दो घंटों तक शहर में चक्कर लगाता है और गरीब, बेसहारा, जरूरतमंदों को चाय, रस और ब्रेड बांटता है।
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मंडी शहर के वार्ड पैलेस कॉलोनी एक के हरदीप सिंह राजा और उनकी पत्नी गुरदीप कौर इस सेवा भाव से समाज में मिसाल बने हुए हैं। पति-पत्नी रोजाना सुबह छह बजे स्कूटी पर निकलते हैं। शहर में जो भी जरूरतमंद दिखता है उसे चाय और नाश्ता देते हैं। इसके लिए वह किसी संस्था या लोगों से आर्थिक मदद नहीं लेते। हरदीप बताते हैं कि रोजाना वह सौ से 150 कप चाय और 50 पैकेट ब्रेड, रस और बिस्किट बांटते हैं।
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कहा कि यह सेवा करने से उनके मन को शांति मिलती है। कोरोना काल में जब ढाबे और होटल बंद रहते थे तो यह दंपती अपने घर पर खाना बनाकर जरूरतमंद लोगों को बांटता था। पुलिस कर्मचारियों, एनसीसी के स्वयंसेवी और कई बार लोगों की सेवा में लगे नर्स और डॉक्टरों के लिए भी यह सेवाएं देता था। हरदीप सिंह हर प्रकार से समाजसेवा करते हैं। वह रक्तदान कर लोगों की जिंदगी भी बचा चुके हैं। वह ऑन डिमांड रक्तदान करते हैं। अब तक 47 बार रक्तदान कर चुके हैं।
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