Medhavi Chhatra Samman: बड़ी बहनों से प्रेरणा ले छोटी भी बन गईं स्टेट टॉपर, अब एकसाथ पाया सम्मान
दो साल पहले दसवीं में टॉपर रहने पर अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान पाने वालीं दो बेटियां इस बार छोटी बहनों के साथ सम्मानित होने पहुंचीं।
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कड़ी मेहनत, लग्न और प्रतिभा के दम पर मुकाम हासिल करने वाले मेधावी दूसरों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। दो साल पहले दसवीं में टॉपर रहने पर अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान पाने वालीं दो बेटियां इस बार छोटी बहनों के साथ सम्मानित होने पहुंचीं। बड़ी बहनें 12वीं में फिर टॉपर बनीं, तो छोटी बहनों ने दसवीं की मेरिट सूची में स्थान बनाया। शिमला में बुधवार को चारों को एक साथ पुरस्कृत किया गया। शगुन और सपना ने कहा कि दो साल पहले बड़ी बहनों को अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान मिलने पर उन्हें भी टॉपर बनने की प्रेरणा मिली। प्रेरणा की यह मिसाल उस समय सामने आई, जब एक मंच पर बड़ी बहनों के साथ छोटी बहनें भी सम्मानित हो रही थीं।
बिलासपुर के जाहू की रहने वाली पल्लवी और उसकी बहन शगुन माता-पिता और छोटे भाई के साथ सम्मान पाने शिमला पहुंची थीं। पल्लवी के पिता राकेश कुमार वेल्डर हैं। दुकान चलाती हैं। पल्लवी ने 12वीं मेडिकल विषय की मेरिट में इस बार दूसरा स्थान हासिल किया है। दो साल पहले 10वीं की मेरिट में भी पल्लवी ने दसवां रैंक प्राप्त किया था। उस समय भी उसे अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान मिला। इससे प्रेरणा लेकर छोटी बहन शगुन ने भी टॉपर बनने की ठानी। शगुन 10वीं की मेरिट सूची में पांचवें नंबर पर आईं। माता-पिता बेटियों को सम्मानित होते देख भावुक हो गए।
पिता जिस स्कूल में शिक्षक, उसी में पढ़ बेटियां बन गईं स्टेट टॉपर
सरकारी स्कूल में शिक्षक रमेश चंद की दो बेटियां उसी स्कूल में पढ़कर प्रदेश में टॉपर बन गई। दसवीं और 12वीं की मेरिट सूची में स्थान पाने वाली सुजानपुर के री गांव की दो सगी बहनों दीक्षा और सपना को भी शिक्षामंत्री ने सम्मानित किया। मंत्री के हाथों सम्मानित होने के पल पिता ने मोबाइल में कैद कर लिए। 12वीं के कला संकाय की मेरिट सूची में छठा और ओवरऑल नौवां रैंक हासिल करने वाली दीक्षा कठियाल ने बताया कि दो साल पहले दसवीं की मेरिट में भी उन्होंने दूसरा रैंक हासिल किया था। दो साल पहले मेधावी छात्र सम्मान मिला, तो मेहनत करने की प्रेरणा मिली। खास बात यह है कि इस बार उनकी छोटी बहन को भी सम्मानित किया गया। छोटी बहन सपना कठियाल दसवीं की मेरिट में नौवें नंबर पर रही हैं। दीक्षा और सपना के पिता रमेश चंद हमीरपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चबूतरा में भाषा अध्यापक हैं जबकि मां सुनीता देवी गृहिणी हैं।
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के लिए चयनित बेटी बनीं स्कूल टॉपर
जुब्बड़हट्टी के वायचड़ी की रहने वाली मानसी शर्मा ने वर्ष 2024 में अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा पास कर 50,000 रुपये की स्कॉलरशिप प्राप्त की थी। छात्रवृत्ति की मदद से मानसी को आगे पढ़ाई करने और मेहनत करने की प्रेरणा मिली। 10वीं में स्कूल की टॉपर का मुकाम हासिल किया है। मानसी अपनी माता रीना शर्मा के साथ सम्मान लेने शिमला पहुंची थीं। मानसी की इस कामयाबी से माता और पिता दोनों गदगद हैं। मानसी बड़े होकर सीए बनना चाहती हैं। इसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रही हैं। वह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बावचड़ी में ग्यारहवीं कक्षा के कॉमर्स संकाय में अध्ययनरत हैं।