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केसीसी बैंक के चेयरमैन ने चहेतों को दिया करोड़ों रुपये का लोन

Sun, 11 Mar 2018 12:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Sun, 11 Mar 2018 12:46 PM IST
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Allegations KCC bank chairman Jagdish Sapehia gave loan to near and dears

कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन जगदीश सिपहिया ने चहेतों को करोड़ों का लोन दे डाला। कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के कर्मचारी संघ ने जगदीश सिपहिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से चेयरमैन के खिलाफ विजिलेंस जांच की मांग की है।

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चहेतों को करोड़ों का लोन देने का आरोप लगाया गया है। शुक्रवार को संघ ने मुख्यमंत्री को विधानसभा में चेयरमैन के खिलाफ आरोपों का चिट्ठा सौंपा। कहा कि बीते पांच साल में चेयरमैन की कार्यप्रणाली के कारण बैंक दस साल पीछे चला गया है। संघ ने चेयरमैन को जल्द पद से हटाने की मांग की है।
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केसीसी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष शरत रलहन, महासचिव नवनीत शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जोगिंद्र सिंह और मुख्य संरक्षक केसी ठाकुर ने आरोप लगाया है कि चेयरमैन ने लोन कमेटी पर दबाव बनाकर राजनीतिक तौर पर प्रभावशाली पांच कंपनियों को करोड़ों के ऋण दिए। ये ऋण खाते अब एनपीए बन गए हैं।
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बैंक मुख्यालय सहित जोनल कार्यालयों और शाखाओं में करीब 30 लाख खाने-पीने पर खर्चे गए। कॉमन फूड फंड में 30 लाख महिला मंडलों और छिंज मेलों में बांटे गए। सरकारी गाड़ी का रजिस्ट्रार कोआपरेटिव सोसायटी से बिना अनुमति निजी कार्यों के लिए दिल्ली जाने को प्रयोग किया गया। चेयरमैन ने बैंक के खर्च पर कई विदेशी दौरे किए।

नोट गिनने की मशानों में भी किया बड़ा घपला

Allegations KCC bank chairman Jagdish Sapehia gave loan to near and dears

वास्तविक किराए से ज्यादा विदेशी दौरे के किराए का बैंक खाते से भुगतान करवाया। विदेश से लौटकर दौरे में प्राप्त की गई जानकारी और अनुभव को बैंक से अवगत नहीं करवाया। विदेशी दौरों की कोई रिपोर्ट नहीं दी गई। गाड़ियों की खरीद और मरम्मत के नाम पर लाखों खर्च कर बैंक पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया।

चेयरमैन ने नोट गिनने के लिए 120 मशीनों की खरीद में भी घपला किया। अन्य बैंकों के मुकाबले केसीसीबी में 25 हजार रुपये अधिक कीमत की मशीनें खरीदी गईं। चेयरमैन के रिश्तेदारों को अवैध तरीके से कई शाखाओं से लोन दिए गए। 

चेयरमैन किसी को ऋण नहीं देता है। इसके लिए बैंक अधिकारी ही अधिकृत हैं। बैंक में भर्तियां स्कूल शिक्षा बोर्ड के माध्यम से की गईं। नोट गिनने की मशीनों की जानकारी नहीं है। इसके लिए भी बैंक अधिकारी अधिकृत हैं। चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्य नीति बनाने का काम करते हैं।

नीति को लागू करना अधिकारियों का काम है। मैंने ईमानदारी से काम किया है। सरकार की चमचागीरी करने के लिए झूठे आरोप लगाए गए हैं। आरोप लगाने वाले वही लोग हैं, जिन्होंने कुछ माह पहले हड़ताल की थी, फिर लिखित में माफी मांगी। मुझे चेयरमैन पद से हटाने को यह षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। सरकार को चाहिए कि अपना चेयरमैन का चेहरा बताए और बोर्ड में बहुमत साबित करे। - जगदीश सिपहिया, चेयरमैन केसीसीबी

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