Himachal Congress: शिमला में जुटेंगे हिमाचल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, एआरओ शमीमा लेंगी बैठक
सोमवार को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के लिए सोनिया गांधी को अधिकार देने का सिंगल लाइन प्रस्ताव राजीव भवन में पारित किया जाएगा। इस बाबत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से नियुक्त सहायक रिटर्निंग अधिकारी शमीमा रैना की अध्यक्षता में राजीव भवन में बैठक का आयोजन किया जाएगा।
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हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के अधिकांश वरिष्ठ नेता सोमवार को पार्टी मुख्यालय राजीव भवन शिमला में जुटेंगे। सोमवार को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के लिए सोनिया गांधी को अधिकार देने का सिंगल लाइन प्रस्ताव राजीव भवन में पारित किया जाएगा। इस बाबत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से नियुक्त सहायक रिटर्निंग अधिकारी शमीमा रैना की अध्यक्षता में राजीव भवन में बैठक का आयोजन किया जाएगा। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी वरिष्ठ नेताओं सहित जिला और ब्लॉक के अध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे।
21 सितंबर को नई दिल्ली में विधानसभा चुनावों के लिए प्रत्याशियों के चयन के दूसरे चरण की बैठक आयोजित होनी है। इस बैठक से पहले सोमवार को राजीव भवन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दावेदारों को लेकर चर्चा भी कर सकते हैं। प्रदेश कांग्रेस की चुनाव कमेटी की ओर से करीब 35 विधानसभा क्षेत्रों के लिए दावेदारों का सिर्फ एक एक नाम भेजा गया है। 33 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रत्याशियों का चयन करने को प्रदेश कांग्रेस ने कई नामों के पैनल भेजे हैं। 21 सितंबर को आयोजित होने वाली बैठक में इस मामले को लेकर चर्चा की जाएगी।
इस्तीफे की पेशकश के बाद रामलाल ठाकुर की अध्यक्षता में होगी चुनाव प्रबंधन कमेटी की बैठक
प्रदेश कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन कमेटी की बैठक सोमवार को राजीव भवन में कमेटी अध्यक्ष रामलाल ठाकुर की अध्यक्षता में होगी। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा की घोषणा के बाद चुनाव प्रबंधन कमेटी कई अहम फैसले लेगी। इस दौरान कमेटी के उपाध्यक्ष कुलदीप पठानिया, अनिरुद्ध सिंह और संयोजक रघुवीर सिंह बाली मौजूद रहेंगे।
बेहतर होता स्मृति ईरानी महंगाई कम करने पर बात करतीं: चौहान
हिमाचल कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं मीडिया विभाग के चेयरमैन नरेश चौहान ने कहा कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी महंगाई और बेरोजगारी पर बात करने के बजाए कांग्रेस पर ही बयानबाजी करती रहीं। बेहतर होता स्मृति ईरानी महंगाई कम करने के लिए कदम उठाने की बात करतीं। ईरानी मनमोहन सरकार में 450 रुपये के गैस सिलिंडर को महंगा बताती नहीं थकती थीं और सिलिंडर के साथ प्रदर्शन करती थीं। आज रसोई गैस सिलिंडर 1,100 से पार है तो स्मृति इस पर मौन हैं। दूध, दही जैसी खाने की वस्तुओं और बच्चों की किताबों, पढ़ाई-लिखाई के सामान पर जीएसटी थोपकर महंगाई बढ़ाने का जिस मोदी सरकार ने काम किया, उसी सरकार का स्मृति ईरानी भी हिस्सा हैं।
चौहान ने कहा कि स्मृति ईरानी को अपनी पार्टी के किए वादों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखना चाहिए। भाजपा ने केंद्र में सरकार बनने पर हर साल 2 करोड़ युवाओं को नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन बीते आठ साल में नौकरियां तो नहीं मिलीं, उलटा लाखों नौकरियां छीनी गईं। केंद्र सरकार जिन सरकारी उपक्रमों को बेच रही है, उनमें भी हजारों लोग बेरोजगार हो रहे हैं। उपाध्यक्ष ने स्मृति ईरानी से कहा कि वह कांग्रेस की चिंता छोड़कर अपनी पार्टी की सरकार की फि क्र करें। सैकड़ों बागवान सेब की तैयार फसल को छोड़कर सचिवालय का घेराव करने को मजबूर हो गए, फिर भी अदाणी के शोषण से उनको मुक्ति नहीं मिली।