विधानसभा में चर्चा के बाद अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को चर्चा के बाद अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से सदन में रखे गए विनियोग विधेयक का सत्ता पक्ष के विधायकों ने हां मेें हां मिलाते हुए पारण कर दिया। इससे पहले अनुपूरक बजट मांगों पर चर्चा हुई, जिसमें कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने 9 मार्च 2018 को अपना पहला बजट 41440 करोड़ रुपये का अनुमान पेश किया था, मगर यह चालू वित्त वर्ष में 3,142 करोड़ रुपये बढ़ गया। मौजूदा वित्तीय वर्ष के 3142 करोड़ के इस अनुपूरक बजट को सोमवार को बजट सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री ने सदन में पेश किया। इसे मंगलवार को पारित कर दिया गया।
घर से पूरा नहीं तय हो पाता बाजार मेें कितनी खरीद करें: सीएम
आप विवेकाधीन अनुदान अनुपूरक बजट में डाल रहे : नेगी
अनुपूरक बजट को पारित करने से पहले चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा - आप विवेकाधीन अनुदान (डिसक्रीशनरी ग्रांट) में पैसा बांट रहे हैं और बाद में इसे अनुपूरक बजट में डाल रहे हैं। यह सही नहीं है। इससे प्रदेश के कई क्षेत्रों से भेदभाव हो रहा है। बजट में पहले से ही इसका प्रावधान होना चाहिए।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि घर से यह पूरा तय नहीं हो पाता है कि बाजार से कितनी खरीद की जाए। अगर घर में हमने किसी चीज की 100 रुपये कीमत होने का अनुमान लगाया है तो वह 110 रुपये की भी हो सकती है। विकास कार्यों के लिए जहां जितना खर्च करना वांछित था, उतना ही किया गया है।
उन्होंने विधायक की ओर इशारा कर चुटकी की - आप मेरे आने-जाने पर भी प्रतिबंध लगाना चाहते हैं तो यह सही नहीं है। मुख्यमंत्री प्रदेश का होता है, वह कहीं भी आ जा सकता है। मैंने प्रदेश में 68 में से 65 विधानसभा क्षेत्रों का एक साल के अल्पकाल में दौरा कर लिया है। इस पर मुकेश अग्निहोत्री ने चुटकी की - आप वे तीन हलके भी बता दें, जहां नहीं जा पाए।
भाखड़ा विस्थापितों को भुगतान का अभी नहीं हुआ फैसला
भाखड़ा विस्थापितों को अभी किसी प्रकार की धनराशि का भुगतान करने संबंधी फैसला नहीं लिया गया है। मंगलवार को विधायक रामलाल ठाकुर के सवाल के लिखित जवाब में ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने यह जानकारी दी।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि यदि इस प्रकार का कोई निर्णय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लिया जाता है तो उस पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की ओर से परिचालित विद्युत परियोजनाओं में विद्युत उत्पादन की हिस्सेदारी सर्वोच्च न्यायालय ने 7.19 प्रतिशत की है।
पहली नवंबर 2011 से प्रदेश को यह राशि मिल रही है। 7.9 प्रतिशत निर्धारित हिस्सेदारी के अनुरूप इससे पहले की अवधि संबंधित विद्युत बकाया का निपटारा अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है।
उड़ान दो में शामिल होंगे मंडी, कुल्लू, शिमला और सोलन
केंद्र सरकार की उड़ान दो योजना के अंतर्गत कुल्लू, मंडी, सोलन और शिमला के हेलीपैडों को हेलीटैक्सी सेवा के लिए जोड़ा जाएगा। इनमें कुल्लू, मंडी व सोलन के एक-एक और शिमला के तीन हेलीपैड शामिल हैं।
प्रदेश सरकार ने भरमौर से विधायक जिया लाल के सवाल के लिखित जवाब में जानकारी दी है। सरकार की ओर से बताया गया है कि केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय से मान्यता प्राप्त आपरेटरों की ओर से बाजार का अध्ययन कर परिचालन व्यवहार्यता को देखते हुए रूट प्रस्तावित किए गए हैं।
साथ ही मैसर्स पवन हंस लिमिटेड की ओर से इन हेलीपैडो से हेलीटैक्सी सेवा संचालित की जानी है। सरकार ने कहा कि फिलहाल जनजातीय क्षेत्रों में हेलीटैक्सी सेवा के लिए कोई प्रावधान नहीं है। फिर भी प्रदेश सरकार केंद्र से इस मुद्दे को उठाएगी।
26 करोड़ खर्च कर लगाए 67 लाख पौधे, 95 फीसदी बचे
प्रदेश सरकार ने जानकारी दी है कि 1 अप्रैल 2018 से 15 जनवरी 2019 तक सरकार ने 26 करोड़ 6 लाख रुपये खर्च कर 67 लाख 68 हजार से ज्यादा पौधे रोपित किए हैं। इसके अलावा 40 हजार ग्रास टफिट्स भी लगाए गए हैं।
सरकार ने पांवटा साहिब से विधायक सुखराम के सवाल के लिखत जवाब में दी है। सरकार ने बताया कि यह राशि राज्य योजना, केंद्रीय प्रायोजित योजनाएं, बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाएं, कैंपा व कैट प्लान के मदों से पौधारोपण किया गया है।
सरकार ने बताया कि प्रदेश की 68.16 प्रतिशत क्षेत्र वन विभाग के अधीन है जिसमें से 69 प्रतिशत बर्फीला, सघन और सामान्य वनों की श्रेणी में आता है, ऐसे में वहां पौधारोपण नहीं किया जा सकता।
शेष 31 फीसदी क्षेत्र में समय समय पर विभिन्न कार्यक्रमों व अभियानों के तहत पौधरोपण किया जाता है। इसी का नतीजा है कि 2003 से 2017 के बीच प्रदेश का वन आवरण 741 वर्ग किलोमीटर बढ़ गया है। ब्यूरो