बिलासपुर: 21 महीने बाद नयनादेवी मंदिर में शुरू होगा लंगर
भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने गुरुवार को परिवार सहित माता नयना के दरबार में हवन-यज्ञ किया। शर्मा ने कहा कि उन्होंने मंदिर न्यास के अध्यक्ष से फोन पर बात की और कहा कि मंदिर में जल्द से जल्द बंद पड़े लंगर को यात्रियों की सेवा के लिए खोल दें और धर्मशाला को भी खोल दें।
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हिमाचल प्रदेश की विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी में लगभग 21 महीने से बंद पड़े लंगर, यात्री निवास और ऐतिहासिक मंदिर की प्राचीन गुफा दर्शनों के लिए खोल दी गई है। अब माता नयना की धर्मशाला में भी श्रद्धालु ठहर सकेंगे। भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने गुरुवार को परिवार सहित माता नयना के दरबार में हवन-यज्ञ किया। उनके साथ भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आशुतोष शर्मा सहित भाजपा के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। शर्मा ने कहा कि उन्होंने मंदिर न्यास के अध्यक्ष से फोन पर बात की और कहा कि मंदिर में जल्द से जल्द बंद पड़े लंगर को यात्रियों की सेवा के लिए खोल दें और धर्मशाला को भी खोल दें।
ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। गरीब तबके के श्रद्धालु माता के दरबार में आते हैं, उन्हें लंगर की व्यवस्था मंदिर न्यास की ओर से जी जाती है। कोविड-19 महामारी के चलते ये व्यवस्था काफी समय से बंद थी, इसे अब सरकार ने पूरी तरह से खोल दिया है। कोरोना महामारी के समय श्री नयना देवी मंदिर न्यास की धर्मशालाओं को भी कोविड सेंटर बनाया गया था। अब उसकी अधिसूचना रद्द कर दी गई है। शर्मा ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है।