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पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों की लगेंगी अतिरिक्त कक्षाएं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 14 Dec 2018 12:09 PM IST
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दसवीं और जमा दो कक्षा के परिणाम सुधारने के लिए सरकार ने पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों की एक्सट्रा क्लास लगाने का फैसला लिया है। शिक्षा सचिव ने इस संदर्भ में सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
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एनसीईआरटी के नेशनल अचीवमेंट सर्वे में दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहने और बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम में आई कमी को देखते हुए सरकार ने पढ़ाई में कमजोर रहने वाले विद्यार्थियों पर अधिक फोकस करने का फैसला लिया है।
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विद्यार्थियों का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से कम
शिक्षा सचिव ने बताया है कि नेशनल अचीवमेंट सर्वे में दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से कम रहा है। साल 2017-18 के बोर्ड परिणाम भी साल 2016-17 के मुकाबले कम हुए हैं। 2016-17 में परीक्षा परिणाम 67.57 फीसदी था जो घटकर साल 2017-18 में 63.39 फीसदी पहुंच गया
इसी तरह जमा दो कक्षा का परीक्षा परिणाम साल 2016-17 में 72.89 फीसदी था। साल 2017-18 में यह परिणाम घटकर 70.18 फीसदी पहुंच गया। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम कम होना चिंताजनक है।
ऐसे में सरकार ने पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों पर अधिक ध्यान देने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में शिक्षा उपनिदेशकों को पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनके लिए एक्सट्रा क्लास लगाने का इंतजाम करने को कहा है।
इसी तरह जमा दो कक्षा का परीक्षा परिणाम साल 2016-17 में 72.89 फीसदी था। साल 2017-18 में यह परिणाम घटकर 70.18 फीसदी पहुंच गया। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम कम होना चिंताजनक है।
ऐसे में सरकार ने पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों पर अधिक ध्यान देने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में शिक्षा उपनिदेशकों को पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनके लिए एक्सट्रा क्लास लगाने का इंतजाम करने को कहा है।