बिना तोले सिलिंडर दिया तो कंपनी पर की जाएगी कार्रवाई
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हिमाचल में उपभोक्ताओं को मिल रहे कम गैस सिलिंडर के मामले में सरकार ने सख्ती दिखाई है। गोदामों में सिलिंडरों की जांच के लिए सरकार ने जिला स्तर पर टीमें गठित की है।
यह टीमें गोदामों में जाकर सिलिंडर की जांच पड़ताल करेगी। अगर गैस कम पाई जाती है तो कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सरकार ने जनता से भी तोलकर सिलेंडर लेने की अपील की है।
होम डिलिवरी करने वाले मजदूरों को भी तोलकर गैस सिलिंडर देना होगा। सिलिंडर की गाड़ियों में भी मजदूरों को तोलने के लिए मशीन रखना अनिवार्य किया है। ‘अमर उजाला’ में खबरें प्रकाशित होने के बाद सरकार गंभीर हो गई है।
ढाबों में भी निरीक्षण के आदेश
शहरों के बजाए ग्रामीण क्षेत्रों में कम गैस सिलिंडर मिलने की संभावनाएं रहती है। यहां लोग तोलकर सिलिंडर नहीं लेते हैं। सरकार का मानना है कि लोगों को स्वयं भी जागरूक होना पड़ेगा।
अगर लोगों को तोलकर सिलिंडर नहीं दिया जाता है तो वह संबंधित खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग में अपनी शिकायत कर सकता है। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले प्रधान सचिव ओंकार शर्मा ने बताया कि कम गैस सिलिंडर की शिकायतें आ रही है।
इसके चलते विभाग कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटा है। प्रदेश के जिला खाद्य नियंत्रक अधिकारियों को इस मामले में कड़ा रुख अपनाने को कहा है।
प्रदेश सरकार ने जिला खाद्य आपूर्ति विभाग को ढाबों में भी निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। अकसर ढाबा मालिक व्यवसायिक के बजाए घरेलू सिलिंडर को उपयोग कर रहे हैं। जिससे सरकार को चूना लग रहा है।