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Shimla News: पीआईटी एनडीपीएस एक्ट में नौ मामलों को मिली मंजूरी, तीन आरोपियों को भेजा जेल
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जिले में आदतन तस्करों पर कार्रवाई कर रही पुलिस, 100 से अधिक की हो चुकी है पहचान
कई बार पकड़े जाने के बावजूद नशा तस्करी में संलिप्त पाए जा रहे आरोपी, एक से अधिक केस हैं दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले में चिट्टे समेत अन्य मादक पदार्थों की तस्करी में लगातार संलिप्त होने वाले आदतन अपराधियों को अब सीधे जेल भेजा जा रहा है। जिला पुलिस की ओर से गृह विभाग को भेजे गए ऐसे नौ आरोपियों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजने की मंजूरी मिल गई है। पुलिस ने इनमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके तीन महीने के लिए जेल भेज दिया है जबकि अन्य आरोपियों की तलाश के लिए संभावित क्षेत्रों में पुलिस की टीमें धरपकड़ के लिए प्रयास कर रही हैं। इससे पहले 10 मामलों में आदतन अपराधियों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। पुलिस ने ऐसे 100 से अधिक आरोपियों की पहचान की है, जो कि कई बार नशा तस्करी में संलिप्त होने के बावजूद सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं और जमानत पर छूटने के बाद फिर नशा तस्करी में संलिप्त हो जाते हैं। इससे जिले में शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक चिट्टे जैसा सफेद जहर पहुंच रहा है। इस वजह से जिले की युवा पीढ़ी पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इसको देखते हुए अब पुलिस बार-बार नशा तस्करी में संलिप्त आदतन तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि बार-बार नशा तस्करी में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस नशा तस्करी का नेटवर्क तोड़ने के लिए सभी जरूरी प्रयास कर रही है।
इनसेट
दो दिन में तीन आरोपियों के खिलाफ की कार्रवाई
जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी को रोकने के लिए प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत दो दिन में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें गगन भूषण निवासी गांव बेजोरी, डाकघर सीमा, तहसील रोहड़ू, और नरेंद्र कुमार निवासी ग्राम एवं डाकघर हाटकोटी, तहसील जुब्बल शामिल हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट तहत चार-चार मुकद्दमें दर्ज हैं। दोनों आरोपी पिछले कई साल से नशा तस्करी की गतिविधियों में संलिप्त पाए जा रहे हैं। इसको देखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार करके तीन महीने के लिए जेल भेज दिया है। बुधवार को भी पुलिस ने डाउनडेल के रहने वाले एक अन्य आरोपी के खिलाफ इस एक्ट तहत कार्रवाई अमल में लाई है।
क्या है पीआईटी एनडीपीएस एक्ट
पीआईटी एनडीपीएस एक्ट 1988 उन गंभीर नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों पर लगाया जाता है, जो लगातार इसमें संलिप्त पाए जाते हैं। यह कार्रवाई सरकार की ओर से की जाती है। यह उन अपराधियों के खिलाफ लगाया जाता है, जिनका जेल में बंद किया जाना जरूरी है। जिले में पुलिस अभी तक सैकड़ों लोगों को चिट्टा तस्करी में गिरफ्तार कर चुकी है।
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कई बार पकड़े जाने के बावजूद नशा तस्करी में संलिप्त पाए जा रहे आरोपी, एक से अधिक केस हैं दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले में चिट्टे समेत अन्य मादक पदार्थों की तस्करी में लगातार संलिप्त होने वाले आदतन अपराधियों को अब सीधे जेल भेजा जा रहा है। जिला पुलिस की ओर से गृह विभाग को भेजे गए ऐसे नौ आरोपियों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजने की मंजूरी मिल गई है। पुलिस ने इनमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके तीन महीने के लिए जेल भेज दिया है जबकि अन्य आरोपियों की तलाश के लिए संभावित क्षेत्रों में पुलिस की टीमें धरपकड़ के लिए प्रयास कर रही हैं। इससे पहले 10 मामलों में आदतन अपराधियों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। पुलिस ने ऐसे 100 से अधिक आरोपियों की पहचान की है, जो कि कई बार नशा तस्करी में संलिप्त होने के बावजूद सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं और जमानत पर छूटने के बाद फिर नशा तस्करी में संलिप्त हो जाते हैं। इससे जिले में शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक चिट्टे जैसा सफेद जहर पहुंच रहा है। इस वजह से जिले की युवा पीढ़ी पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इसको देखते हुए अब पुलिस बार-बार नशा तस्करी में संलिप्त आदतन तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि बार-बार नशा तस्करी में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस नशा तस्करी का नेटवर्क तोड़ने के लिए सभी जरूरी प्रयास कर रही है।
इनसेट
दो दिन में तीन आरोपियों के खिलाफ की कार्रवाई
जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी को रोकने के लिए प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत दो दिन में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें गगन भूषण निवासी गांव बेजोरी, डाकघर सीमा, तहसील रोहड़ू, और नरेंद्र कुमार निवासी ग्राम एवं डाकघर हाटकोटी, तहसील जुब्बल शामिल हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट तहत चार-चार मुकद्दमें दर्ज हैं। दोनों आरोपी पिछले कई साल से नशा तस्करी की गतिविधियों में संलिप्त पाए जा रहे हैं। इसको देखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार करके तीन महीने के लिए जेल भेज दिया है। बुधवार को भी पुलिस ने डाउनडेल के रहने वाले एक अन्य आरोपी के खिलाफ इस एक्ट तहत कार्रवाई अमल में लाई है।
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क्या है पीआईटी एनडीपीएस एक्ट
पीआईटी एनडीपीएस एक्ट 1988 उन गंभीर नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों पर लगाया जाता है, जो लगातार इसमें संलिप्त पाए जाते हैं। यह कार्रवाई सरकार की ओर से की जाती है। यह उन अपराधियों के खिलाफ लगाया जाता है, जिनका जेल में बंद किया जाना जरूरी है। जिले में पुलिस अभी तक सैकड़ों लोगों को चिट्टा तस्करी में गिरफ्तार कर चुकी है।
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