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Shimla News: पार्टनरशिप के विवाद में चेक बाउंस मामले में आरोपी बरी
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शिमला। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा नेगी की अदालत ने चेक बाउंस के हाई-प्रोफाइल मामले में आरोपी राकेश नेगी को बरी किया है। अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता राजेंद्र सिंह द्वारा जिस लेनदेन को ऋण बताया जा रहा था, वह असल में एक पार्टनरशिप बिजनेस (साझेदारी व्यापार) का हिस्सा था।
शिकायतकर्ता राजेंद्र सिंह ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने और उनके रिश्तेदार कृष्ण कुमार ने मिलकर आरोपी के बैंक खाते में भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की थी। शिकायत के मुताबिक इसमें से कुछ रकम चुकाने के बाद भी आरोपी पर 80.90 लाख रुपये का बकाया रह गया था। इस बकाया राशि को चुकाने के लिए आरोपी ने मार्च 2021 में चेक जारी किया था जो बैंक से फंड्स अपर्याप्त होने के कारण बाउंस हो गया था। इसके बाद कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद भुगतान न होने पर यह मामला कोर्ट में लाया था। सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने दलील दी कि कोई कानूनी रूप से लागू होने योग्य देनदारी नहीं बनती है, क्योंकि यह सारा लेन-देन शराब के कारोबार में पार्टनरशिप से जुड़ा हुआ था। अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता यह साबित करने में असफल रहा कि चेक किसी कानूनी रूप से वैध देनदारी को चुकाने के लिए जारी किया गया था। इस प्रकार संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने आरोपी राकेश नेगी को धारा 138 के आरोपों से बरी कर दिया है। संवाद
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शिकायतकर्ता राजेंद्र सिंह ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने और उनके रिश्तेदार कृष्ण कुमार ने मिलकर आरोपी के बैंक खाते में भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की थी। शिकायत के मुताबिक इसमें से कुछ रकम चुकाने के बाद भी आरोपी पर 80.90 लाख रुपये का बकाया रह गया था। इस बकाया राशि को चुकाने के लिए आरोपी ने मार्च 2021 में चेक जारी किया था जो बैंक से फंड्स अपर्याप्त होने के कारण बाउंस हो गया था। इसके बाद कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद भुगतान न होने पर यह मामला कोर्ट में लाया था। सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने दलील दी कि कोई कानूनी रूप से लागू होने योग्य देनदारी नहीं बनती है, क्योंकि यह सारा लेन-देन शराब के कारोबार में पार्टनरशिप से जुड़ा हुआ था। अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता यह साबित करने में असफल रहा कि चेक किसी कानूनी रूप से वैध देनदारी को चुकाने के लिए जारी किया गया था। इस प्रकार संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने आरोपी राकेश नेगी को धारा 138 के आरोपों से बरी कर दिया है। संवाद
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