NIT Hamirpur: एनआईटी हमीरपुर में हर विद्यार्थी का बनेगा अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट, निर्देश जारी
अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट में अधिकतम सात साल तक ही विद्यार्थी के अकादमिक क्रेडिट जमा हो सकेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर में शिक्षा हासिल करने वाले सभी विद्यार्थियों का अब अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) बनेगा। प्रशासन ने स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के सभी विद्यार्थियों को 30 नवंबर तक अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट के लिए यूनीक आईडी बनाने के निर्देश दिए हैं। हर विद्यार्थी को ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनानी होगी। इससे प्रत्येक विद्यार्थी आसानी से एनआईटी में अपने शिक्षाकाल के दौरान अपने अकादमिक क्षमताओं का निरीक्षण कर सकेगा। अगर कोई विद्यार्थी अपनी अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट आईडी नहीं बनाता है तो उसके अंतिम सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा।
एनआईटी प्रशासन ने नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करते हुए यह व्यवस्था लागू की है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अगर कोई विद्यार्थी एक एनआईटी को छोड़कर किसी दूसरी एनआईटी या आईआईटी में दाखिला लेता है तो उसके अकादमिक क्रेडिट स्कोर को आसानी से संबंधित शिक्षण संस्थान में ट्रांसफर किया जा सकेगा। अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट में अधिकतम सात साल तक ही विद्यार्थी के अकादमिक क्रेडिट जमा हो सकेंगे।
सात साल की शर्त इसलिए लागू की है कि अब नई शिक्षा नीति में बहु निकासी और बहु प्रवेश (मल्टीपल एग्जिट और मल्टीपल एंट्री) की सुविधा भी है। वर्तमान में एनआईटी में जो डीजी लॉकर की सुविधा है, उसमें केवल मार्क्सशीट और उपाधि ही सुरक्षित रहती है। अब मार्क्सशीट और उपाधि के अलावा अकादमिक क्रेडिट भी सुरक्षित जमा रहेंगे। संस्थान के निदेशक और कुलसचिव की ओर से सभी विभागों के प्रमुखों को भी इस बारे निर्देश जारी किए गए हैं। संवाद
एनआईटी में 4,000 विद्यार्थी हासिल कर रहे शिक्षा
एनआईटी में बीटेक, बीआर्क, एमटेक, एमआर्क, एमबीए समेत 14 विभिन्न विषयों में स्नातकोत्तर और पीएचडी की पढ़ाई होती है। देश के विभिन्न कोनों से यहां करीब चार हजार विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं। एक राज्य से दूसरे राज्य या संस्थान में दाखिला लेने या माइग्रेशन करवाने वाले विद्यार्थियों को एबीसी का बहुत लाभ मिलेगा।
संस्थान में शिक्षा हासिल करने वाले सभी विद्यार्थियों का अब अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट बनेगा। एनआईटी प्रशासन ने स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के सभी विद्यार्थियों को 30 नवंबर तक अपनी अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट आईडी बनाने के निर्देश दिए हैं। - डॉ. अर्चना नानोटी, रजिस्ट्रार, एनआईटी हमीरपुर