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Shimla News: विवि में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कफन ओढ़कर किया प्रदर्शन
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परिषद ने फीस वृद्धि का जताया विरोध
छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग भी उठाई गई
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में फीस वृद्धि और छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का आंदोलन बुधवार को 10वें दिन भी जारी रहा।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने पुस्तकालय के बाहर सामूहिक शव प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जमीन पर लेटकर खुद को कफन से ढका। इसके बाद एचपीयू की फीस वृद्धि और झारखंड में आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध किया गया। एबीवीपी इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि फीस वृद्धि के खिलाफ संगठन 10 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल कर रहा है। उन्होंने कहा कि 28 मार्च को फीस वृद्धि का निर्णय आने के अगले दिन से ही एबीवीपी ने ज्ञापन, घेराव और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया। अक्षय ठाकुर ने कहा कि विभिन्न पाठ्यक्रमों में 25 से 27 प्रतिशत, कुछ मामलों में 147 प्रतिशत और प्रशासनिक कार्यों में 100 से 150 प्रतिशत तक फीस बढ़ाई गई है। छात्रावास और बस किराये में भी बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त छात्रावास और बस सुविधाएं नहीं होने के बावजूद फीस बढ़ाना उचित नहीं है। एबीवीपी ने झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की। संगठन ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है। नौवें दिन रितेश भागटा और रिया ने 24 घंटे का अनशन पूरा किया। इसके बाद 10वें दिन दिव्यांशु कश्यप और रवीना भूख हड़ताल पर बैठे।
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छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग भी उठाई गई
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में फीस वृद्धि और छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का आंदोलन बुधवार को 10वें दिन भी जारी रहा।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने पुस्तकालय के बाहर सामूहिक शव प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जमीन पर लेटकर खुद को कफन से ढका। इसके बाद एचपीयू की फीस वृद्धि और झारखंड में आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध किया गया। एबीवीपी इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि फीस वृद्धि के खिलाफ संगठन 10 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल कर रहा है। उन्होंने कहा कि 28 मार्च को फीस वृद्धि का निर्णय आने के अगले दिन से ही एबीवीपी ने ज्ञापन, घेराव और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया। अक्षय ठाकुर ने कहा कि विभिन्न पाठ्यक्रमों में 25 से 27 प्रतिशत, कुछ मामलों में 147 प्रतिशत और प्रशासनिक कार्यों में 100 से 150 प्रतिशत तक फीस बढ़ाई गई है। छात्रावास और बस किराये में भी बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त छात्रावास और बस सुविधाएं नहीं होने के बावजूद फीस बढ़ाना उचित नहीं है। एबीवीपी ने झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की। संगठन ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है। नौवें दिन रितेश भागटा और रिया ने 24 घंटे का अनशन पूरा किया। इसके बाद 10वें दिन दिव्यांशु कश्यप और रवीना भूख हड़ताल पर बैठे।
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