यहां सहेजी जा रही हैं भारत पर राज करने वाले अंग्रेजों की कब्रें
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हिमाचल की राजधानी शिमला में एक ट्रस्ट भारत पर राज करने वाले अंग्रेजों की कब्रों को सहेज रहा है। आजादी से पहले के अंग्रेजों की इन कब्रों पर उनके रिश्तेदार हर साल श्रद्घांजलि देने भारत भी आते हैं। इसीलिए इन्हें सहेजने का काम किया जारहा है। यह अनोखी पहल गुड न्यूज फेलोशिप ट्रस्ट शिमला ने शुरू की है। यहां ब्रिटिश इंडिया पर शासन करने वाले अंग्रेजों की कब्रें हैं।
कब्रें सहेजने की इस मुहिम में इस ट्रस्ट से जुडे़ लोग आजकल सफाई का काम छेड़े हुए हैं। यह पहल ट्रस्ट के चेयरमैन महेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में इससे जुडे़ तमाम लोगों ने की है। इसके लिए ट्रस्ट ने बाकायदा शिमला क्रिश्चियन समिट्री सोसायटी से अनुमति ली है। इसके बाद जैसे ही समय लगे तो इस ट्रस्ट से जुडे़ लोग इन कब्रों पर स्वच्छता अभियान में जुट जाते हैं।
इसलिए चलाया जा रहा अभियान
महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बड़ी संख्या में अंग्रेज अपने पुरखों की कब्रों पर श्रद्धांजलि देने भारत आते हैं, मगर यहां कब्रों के आसपास गंदगी देखकर उनकी नजरों में शिमला की एक अलग ही तस्वीर बन जाती है। कनलोग कब्रिस्तान में दो सौ से ज्यादा कब्रें हैं। यहां 1850 ईस्वी के बाद से लेकर आजादी या इसके बाद तक अंग्रेजों की कब्रें हैं।
इनमें अंग्रेजी हुकूमत के कई सैन्य अधिकारियों और अन्य अधिकारियों एवं उनके संबंधियों की कब्रें भी हैं। इनमें से आधी से अधिक कब्रें तो बिल्कुल खराब हालत में हैं। कई कब्रों से संगमरमर तक चोरी किया जा चुका है। पिछले दिनों भी यूके के कुछ लोग यहां अपने पुरखों की कब्रों को खोजते हुए आ चुके हैं।
महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जो सोसायटी इस कब्रिस्तान को देख रही है, उसके पास इसके रखरखाव या इसे दुरुस्त रखने के लिए अधिक बजट नहीं है। ट्रस्ट से जुड़े लोग इसकी पूरी तरह से देखरेख में जुट गए हैं।