हिमखंड गिरने से बर्फ में दफन हुए सैकड़ों मवेशी, भेड़ पालक की हालत गंभीर
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चंबा जिले के भरमौर से लाहौल आ रहे चार भेड़ पालकों की 950 भेड़-बकरियां चोविया जोत में हिमखंड गिरने से जिंदा दफन हो गई हैं। इस हादसे के बाद रेस्क्यू कर चार भेड़पालकों और 250 भेड़ों को बचा लिया गया है। हालांकि, एक भेड़ पालक की हालत गंभीर बनी हुई है।
यह घटना 13 जून की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार भेड़ पालक भरमौर से होकर चोविया जोत से लाहौल के लिए निकले थे। चोविया जोत पहुंचने पर 12 और 13 जून को बर्फबारी हो गई।
इसी दौरान पहाड़ी से हिमखंड आ गिरा। इसकी चपेट में आने से कुल 1200 में से 950 भेड़-बकरियां बर्फ में ही दफन हो गईं। एक भेड़ पालक भजन राम मुश्किल से बर्फ व ग्लेशियर को लांघते हुए शनिवार सुबह उदयपुर पहुंचा और इसकी सूचना उदयपुर थाने में दी।
250 भेड़-बकरियों को रेस्क्यू कर उदयपुर पहुंचाया
इसके बाद उदयपुर पुलिस थाना प्रभारी मोती राम के नेतृत्व में चार लोगों की एक टीम चोविया जोत की ओर निकली। उनके साथ पुलिस जवान विजय कुमार, राजेंद्र कुमार और त्रिलोकीनाथ निवासी सुरेंद्र ठाकुर भी मौजूद रहे।
उन्होंने तीन भेड़पालकों व अन्य करीब 250 भेड़-बकरियों को रेस्क्यू कर उदयपुर पहुंचाया है। यहां चारों भेड़ पालकों का उदयपुर अस्पताल में मेडिकल करवाया।
इसके बाद भेड़ पालक ज्ञान चंद(65) उनका बेटा नरेश(32 ) और दूसरा बेटा बसंत(28) निवासी भनाला शाहपुर कांगडा को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी।
जबकि 47 वर्षीय भजन लाल निवासी भनाला शाहपुर कांगड़ा को बर्फ लगने से उसे टांडा मेडिकल कालेज के लिए रेफर किया गया है। उधर, राजस्व विभाग की टीम के साथ एसडीएम उदयपुर सुभाष गौतम भी नुकसान के आकलन का जायजा ले रहे हैं।