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पुलिस की मौजूदगी में निगम ने कब्जे में ली लिफ्ट पार्किंग
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। लिफ्ट स्थित पार्किंग को नगर निगम ने अपने कब्जे में ले लिया है। नगर निगम की एक टीम ने शुक्रवार को पुलिस की मौजूदगी में पार्किंग से विशाल टैक्सी यूनियन को बाहर कर इसे कब्जे में लिया।
यूनियन से नगर निगम को करीब सवा करोड़ रुपये किराया लेना है। बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद यूनियन भुगतान नहीं कर रही थी। पिछले साल हाईकोर्ट ने भी नगर निगम शिमला द्वारा विशाल हिमाचल टैक्सी यूनियन से देनदारी वसूल न करने पर खेद जताया था। हाईकोर्ट के आदेशों को लागू करते हुए निगम ने अब सख्त कार्रवाई की है। निगम प्रशासन से दिशा निर्देश मिलने के बाद शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे निगम की एक टीम पुलिस जवानों के साथ संपदा शाखा अधीक्षक सुरेश शर्मा की अगुवाई में मौके पर पहुंची। इस दौरान यहां यूनियन की करीब एक दर्जन गाड़ियां खड़ी थी। अधीक्षक ने यूनियन को तुरंत खाली करने को कहा। इस पर यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका केस अभी विचाराधीन है। ऐसे में वे पार्किंग खाली नहीं करेंगे। लेकिन बाद में पार्किंग खाली कर दी।
यूनियन ने लगाए नेताओं के चक्कर
बात बनती न देख यूनियन के पदाधिकारियों ने कई स्थानीय नेताओं तक से बात की। लेकिन कहीं से राहत नहीं मिली। आखिरकार दोपहर करीब ढाई बजे नगर निगम की टीम ने पार्किंग में खड़ी सारी गाड़ियां बाहर निकाल दीं और यहां एंगल गाड़कर पार्किंग के लिए बंद कर दिया। नगर निगम की इस पार्किंग में करीब 15 से 20 गाड़ियां पार्क हो सकती हैं। कई सालों से इस पार्किंग में विशाल टैक्सी यूनियन चल रही थी। लेकिन किराया न चुकाने पर नगर निगम ने यह पार्किंग अब अपने कब्जे में ले ली है। निगम इसकी रिपोर्ट कोर्ट में भी पेश करेगा। मामले पर छह मार्च को सुनवाई होनी है।
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शिमला। लिफ्ट स्थित पार्किंग को नगर निगम ने अपने कब्जे में ले लिया है। नगर निगम की एक टीम ने शुक्रवार को पुलिस की मौजूदगी में पार्किंग से विशाल टैक्सी यूनियन को बाहर कर इसे कब्जे में लिया।
यूनियन से नगर निगम को करीब सवा करोड़ रुपये किराया लेना है। बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद यूनियन भुगतान नहीं कर रही थी। पिछले साल हाईकोर्ट ने भी नगर निगम शिमला द्वारा विशाल हिमाचल टैक्सी यूनियन से देनदारी वसूल न करने पर खेद जताया था। हाईकोर्ट के आदेशों को लागू करते हुए निगम ने अब सख्त कार्रवाई की है। निगम प्रशासन से दिशा निर्देश मिलने के बाद शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे निगम की एक टीम पुलिस जवानों के साथ संपदा शाखा अधीक्षक सुरेश शर्मा की अगुवाई में मौके पर पहुंची। इस दौरान यहां यूनियन की करीब एक दर्जन गाड़ियां खड़ी थी। अधीक्षक ने यूनियन को तुरंत खाली करने को कहा। इस पर यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका केस अभी विचाराधीन है। ऐसे में वे पार्किंग खाली नहीं करेंगे। लेकिन बाद में पार्किंग खाली कर दी।
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यूनियन ने लगाए नेताओं के चक्कर
बात बनती न देख यूनियन के पदाधिकारियों ने कई स्थानीय नेताओं तक से बात की। लेकिन कहीं से राहत नहीं मिली। आखिरकार दोपहर करीब ढाई बजे नगर निगम की टीम ने पार्किंग में खड़ी सारी गाड़ियां बाहर निकाल दीं और यहां एंगल गाड़कर पार्किंग के लिए बंद कर दिया। नगर निगम की इस पार्किंग में करीब 15 से 20 गाड़ियां पार्क हो सकती हैं। कई सालों से इस पार्किंग में विशाल टैक्सी यूनियन चल रही थी। लेकिन किराया न चुकाने पर नगर निगम ने यह पार्किंग अब अपने कब्जे में ले ली है। निगम इसकी रिपोर्ट कोर्ट में भी पेश करेगा। मामले पर छह मार्च को सुनवाई होनी है।
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