{"_id":"5b23f8a54f1c1b6a4d8b6c50","slug":"91529084069-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सस्ते मकान के लिए आवेदन करने वाले 25 सौ से ज्यादा परिवार निकले फर्जी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सस्ते मकान के लिए आवेदन करने वाले 25 सौ से ज्यादा परिवार निकले फर्जी
अशोक चौहान, अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 16 Jun 2018 11:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर के गरीब परिवारों को आशियाना देने के लिए करवाए गए सर्वेक्षण की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आवेदन करने वाले करीब 2800 में से 2500 से ज्यादा परिवार फर्जी पाए गए हैं। इनके आवेदन अब रद्द करने की तैयारी चल रही है।
विज्ञापन
हालांकि, इन परिवारों को 20 जून तक का समय दिया गया है। यदि इस अवधि तक ये परिवार सभी जरूरी दस्तावेज जमा नहीं करवाते तो इन्हें बाहर कर दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक योजना का लाभ पाने के लिए अभी तक करीब तीन सौ लोग ही जरूरी दस्तावेज जमा करवा पाए हैं।
विज्ञापन
पीएम आवास योजना के तहत शहर के उन गरीब परिवारों को सस्ते मकान मिलने हैं, जिनके पास न तो अपना मकान है और न ही जमीन। केंद्र की इस योजना के तहत करीब दो साल पहले कोलकाता की एक कंपनी ने शहर में सर्वेक्षण किया था। इसमें करीब 2800 परिवारों ने फॉर्म भरकर सस्ते मकान पाने के लिए आवेदन किया था।
विज्ञापन
जांच में चौंकाने वाला खुलासा- सर्वेक्षण रिपोर्ट में एक ही परिवार के पांच लोग भी सस्ते मकान के आवेदक निकले। इसके अलावा कई ऐसे थे जिनके दूसरे जिलों या राज्यों में मकान हैं। सवाल उठने के बाद खुद कंपनी ने ही इन आवेदनों की जांच शुरू की है। वेरिफिकेशन के दौरान सभी आवेदकों को दस्तावेज जमा करवाने को कहा जा रहा है।
इसमें परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड, राशनकार्ड, बैंक अकाउंट, फोटो, हिमाचली बोनाफाइड, होमलेस प्रमाण पत्र आदि जमा करवाना अनिवार्य है लेकिन अभी तक महज करीब तीन सौ परिवार ही ये दस्तावेज जमा करवा सके हैं। बाकी आवेदक दस्तावेज नहीं दे पा रहे। कंपनी जल्द इसकी रिपोर्ट नगर निगम और केंद्र सरकार को भेजेगी।
जांच में ऐसे खुली पोल- जांच के दौरान परिवारों को होमलेस होने का प्रमाण पत्र देने को कहा गया है। यह प्रमाण पत्र पटवारी या तहसीलदार जारी करता है लेकिन ज्यादातर परिवारों के पास यह दस्तावेज नहीं। इसका एक कारण यह भी है कि कई प्रवासियों ने भी आवेदन कर रखा था लेकिन उन्हें स्थानीय तहसीलदार यह प्रमाण पत्र नहीं दे रहे। एक ही परिवार से कई आवेदन मिलने के बाद भी दर्जनों आवेदन रद्द हो गए हैं।
क्या कहते हैं आयुक्त- पीएम आवास योजना के लिए करवाए गए सर्वे रिपोर्ट की वेरिफिकेशन चल रही है। जो परिवार पात्रता शर्तें पूरी करेंगे, उन्हीं को इस योजना का लाभ मिलेगा। संबंधित कंपनी से इसकी रिपोर्ट ली जा रही है। - रोहित जमवाल, नगर निगम आयुक्त