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एचपीयू बजट: वेतन, पेंशन पर 165, परीक्षाओं के लिए 25 करोड़
Updated Tue, 27 Mar 2018 12:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। विश्वविद्यालय का वित्त वर्ष 2018-19 का वार्षिक बजट सोमवार को वित्त कमेटी से अनुमोदित कर दिया गया है। दोपहर बाद कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई वित्त कमेटी की बैठक में बजट का अनुमादेन किया गया। विवि के कुल 216 करोड़ के बजट को अनुमानित 23 करोड़ के घाटे के साथ अनुमोदित किया गया। विवि की कुल आय 193 करोड़ अनुमानित है। जिसमें प्रदेश सरकार से बढ़ाया गया वार्षिक अनुदान 110 करोड़ जबकि विवि को अपने सभी आय स्रोत से 83 करोड़ तक की आय रहेगी। इसके अलावा प्रदेश सरकार की ओर से घोषित डीए और आईआर के लिए अलग से 18 करोड़ की मांग उठाई गई है। इसे बजट में शामिल नहीं किया गया है।
विश्वविद्यालय के इस नए वित्त वर्ष के बजट को 29 मार्च को होने वाली विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद की बैठक में पारित करने को रखा जाएगा। इस बार विवि का बजट घाटा बीते वर्ष के मुकाबले करीब सवा दो करोड़ कम हुआ है। सोमवार को हुई वित्त कमेटी की बैठक में प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्रीकांत बाल्दी सदस्य के रूप में मौजूद रहे, जबकि विवि के वित्त अधिकारी नरेंद्र ठाकुर बतौर सदस्य सचिव मौजूद रहे। वित्त वर्ष 2017-18 में विश्वविद्यालय का कुल बजट 191 करोड़ का था, जिसमें विवि को 25.34 करोड़ का घाटा प्रस्तावित था। इसमें प्रदेश सरकार से वार्षिक सौ करोड़ का अनुदान था, जबकि 66 करोड़ की घरेलू स्रोतों से आय थी। इससे पूर्व वर्ष 2016-17 में विवि का 177 करोड़ का बजट 20 करोड़ के घाटे के साथ पारित हुआ था।
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कर्मचारियों के वेतन, पेंशन पर ही 165 करोड़ खर्च
विश्वविद्यालय में सेवारत कर्मचारियों के वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वेतन पर नए वित्त वर्ष में करीब 165 करोड़ की राशि व्यय होने का अनुमान है, जिसमें वेतन पर 125 और पेंशन व अन्य वित्तीय लाभ पर 40 करोड़ का खर्च अनुमानित है।
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परीक्षा संचालन पर व्यय होंगे 25 करोड़
विश्वविद्यालय की ओर से संचालित किए जाने वाले कोर्स की फीस के रूप में विवि को नए वित्त वर्ष में करीब बीस करोड़ की आय होने का अनुमान है। परीक्षाओं पर 25 करोड़ रुपये तक खर्च होंगे।
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इन मदों के लिए भी अलग से किये गए है बजट प्रावधान
विवि के अनुमोदित किए गए बजट में विश्वविद्यालय कर्मचारियों की कैंटीन और क्रच के लिए डेढ़ करोड़, सड़क के रखरखाव को 50 लाख, कर्मचारी और शिक्षक आवासीय कॉलोनी भवन निर्माण और मरम्मत को दो करोड़ का प्रावधान किया गया है। छात्रावासों की मरम्मत को 50 लाख, सोलर लाइट्स को 50 लाख जबकि विश्वविद्यालय के अलग से नॉलेज सेंटर को 50 लाख, यूनिवर्सिटी ब्यूटीफिकेशन को 50 लाख जबकि पुस्तकालय में किताबों की खरीद को एक करोड़ बीस लाख का बजट प्रावधान किया गया है।
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देनदारियों को 18 करोड़ रुपये न मिले तो बढ़ेगा बजट घाटा
विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के लिए सरकार की ओर से घोषित किए गए डीए और आईआर के लिए करीब 18 करोड़ की देनदारियां बजट में शामिल नहीं की गई हैं। यदि इसके लिए सरकार से अतिरिक्त अनुदान न मिला तो बजट घाटा और बढ़ेगा। हालांकि विश्वविद्यालय ने इसके लिए अलग से अतिरिक्त अनुदान की मांग सरकार से उठाई है।
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बैठक में इन मुद्दों पर भी हुई चरचा
वित्त कमेटी की इस बैठक में कैंपस को वाई-फाई बनाने, शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने, घणाहट्टी में अलग कैंपस विकसित करने, एचपीयू मॉडल स्कूल भवन निर्माण को अतिरिक्त बजट के अलावा कर्मचारियेां और शिक्षकों के अतिरिक्त आवास निर्माण, छात्रावास निर्माण पर भी चरचा हुई। वित्त कमेटी की बैठक में विवि की रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी की बैठक की पूर्व में की गई अनुशंसा के मुताबिक हर साल दस फीस फीस बढ़ोतरी के मामले पर चरचा जरूर हुई, मगर सदस्यों में इसको लेकर सहमति नहीं बनी, चूंकि पहले ही विवि ने कई गुणा फीस बढ़ाई है। इससे छात्रों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।