लाहौल-स्पीति: बातल में अभी भी फंसे हैं पर्यटकों समेत 80 लोग, सभी सुरक्षित
गुरुवार को सेना ने चंद्रा घाटी, बातल, छोटा दड़ा आदि जगहों में हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि बातल में अभी भी पर्यटकों समेत 80 लोग फंसे हैं। हालांकि ये सभी लोग सुरक्षित हैं। इनके खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।
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पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में हुई बर्फबारी के बाद पर्यटक विभिन्न जगहों पर फंस गए थे। पर्यटकों की खोज के लिए गुरुवार को सेना ने चंद्रा घाटी, बातल, छोटा दड़ा आदि जगहों में हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि बातल में अभी भी पर्यटकों समेत 80 लोग फंसे हैं। हालांकि ये सभी लोग सुरक्षित हैं। इनके खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। चंद्रताल क्षेत्र में हवाई सर्वे से साफ हुआ है कि चंद्रताल क्षेत्र में केवल एक वाहन मौजूद है। उपायुक्त नीरज कुमार ने सेना के हवाले से बताया कि सेना के हेलीकॉप्टर ने चंद्रताल क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। तस्वीरों से स्पष्ट है कि बातल में पर्यटकों के वाहन मौजूद हैं।
बचाव दल लोगों के पास पहुंचा
वहीं, एसडीएम व एसडीपीओ काजा के नेतृत्व में बचाव टीम बातल में फंसे लोगों के पास पहुंच गई है। वहीं, एसपी लाहौल-स्पीति मानव वर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ग्रांफू-काजा मार्ग पर स्थित चाचा-चाची ढाबा के दोरजे बोध और हिशे छोमो पिछले 40 वर्षों से निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा कर रहे हैं। दोनों 17 अक्तूबर से फंसे हुए 80 लोगों को खाना खिला रहे हैं और उनकी देखभाल भी कर रहे हैं।
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किन्नौर में 150 बिजली ट्रांसफार्मर ठप, लाहौल में 12 सड़कें बंद
वहीं, प्रदेश के जनजातीय जिलों किन्नौर और लाहौल-स्पीति में जारी बर्फबारी ने लोगों के लिए आफत खड़ी कर दी है। प्रदेश में वीरवार को 165 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे। इसमें सबसे अधिक बिजली ट्रांसफार्मर 150 किन्नौर और 15 लाहौल-स्पीति जिले में ठप हो गए हैं। दोनों जिलाें के कई क्षेत्रों में अंधेरा पसर गया है। वीरवार को कुल्लू में एक और लाहौल-स्पीति जिले में 12 सड़कें बंद रहीं। लाहौल-स्पीति जिले में 12 पेयजल योजनाएं भी वीरवार को बंद रही। किन्नौर में बर्फबारी के कारण सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। कई जगह सेब के पेड़ जड़ से उखड़ गए हैं। किन्नौर में सेब की फसल खराब होने से बागवानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।