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80 फीसदी प्रशिक्षु इंजीनियर नौकरी के काबिल नहीं, ये है वजह

Wed, 13 Jun 2018 09:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर Updated Wed, 13 Jun 2018 09:03 AM IST
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80 percent of the trainee engineers are not eligible for job in india

देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों से पढ़ने वाले करीब 80 फीसदी प्रशिक्षु नौकरी के काबिल नहीं हैं। तेजी से खुल रहे ज्यादातर विवि से ऐसे इंजीनियर तैयार हो रहे हैं, जो केवल कहने को इंजीनियर हैं। इनका समाज में कोई योगदान नहीं होता है।

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यह कहना है हिमाचल तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर के नए कुलपति प्रो. एसएम बंसल का। प्रो. बंसल ने मंगलवार को हमीरपुर स्थित विवि में पदभार संभालने के तीन घंटे के भीतर विशेषज्ञों की देखरेख में एक कमेटी का गठन किया।
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यह कमेटी पड़ोसी राज्यों की उम्दा विवि का भ्रमण कर वहां अच्छे प्रोजेक्ट और उत्कृष्ट मॉडल का अध्ययन करने के बाद पंद्रह दिन में रिपोर्ट देगी। प्रो. बंसल ने कहा कि विभिन्न विवि के कुलपतियों को बुलाकर उनके साथ बैठक की जाएगी। 

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राज्यों के विवि की अच्छी नई तकनीकों को लागू किया जाएगा

80 percent of the trainee engineers are not eligible for job in india

विशेषज्ञों की रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद बाहरी राज्यों के विवि की अच्छी नई तकनीकों को अपने विवि में लागू किया जाएगा। कुलपति ने कहा कि शीघ्र ही विवि का अपना विजन डॉक्यूमेंट और तीन से पांच साल तक चलने वाला मास्टर प्लान भी तैयार किया जाएगा।

प्रदेश तकनीकी विवि के अधीन चल रहे सभी 43 महाविद्यालयों की प्राचार्यों की एक बैठक बुलाई जाएगी। संख्यात्मक के बजाय गुणात्मक शिक्षा पर जोर दिया जाएगा।

इसके साथ ही विवि को यूजीसी से मान्यता दिलाने के लिए विवि में खाली चल रहे 35 पदों  को भरने, पांच विभागों को शुरू करने के अलावा आधारभूत कमियों को दूर किया जाएगा।      
  
 अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के तहत विवि के पाठ्यक्रमों में एकरूपता लाई जाएगी।  तकनीकी विश्वविद्यालय को ग्लोबल यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित करने के लिए भी प्लान तैयार किया जाएगा ताकि राज्य के ही नहीं अपितु विश्व भर से छात्र इस विवि के माध्यम से तकनीकी शिक्षा हासिल कर सकें।

तकनीकी विवि को सरकारी विवि बनाने के साथ निर्माणाधीन भवन का कार्य पूरा करवाने के प्रयास भी किए जाएंगे। साथ ही तकनीकी विश्वविद्यालय कुछ गांवों को भी गोद लेगा और इन गांवों के विकास के लिए तकनीकी तौर मदद मुहैया करवाई जाएगी।

इस मौके पर कुलसचिव एवं डीन अकादमिक डॉ. एनएन शर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीपी पटियाल, विवि के वित्त अधिकारी अशोक धीमान और सह कुलसचिव संजीवन मनकोटिया भी मौजूद रहे।      

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