{"_id":"5c9126f9bdec22145f538feb","slug":"71553016569-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पार्षदों को अपने वार्डों से लीड दिलाने का टारगेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पार्षदों को अपने वार्डों से लीड दिलाने का टारगेट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव के लिए शिमला शहर में वार्ड स्तर पर प्रचार का जिम्मा पार्षदों को दिया जा रहा है। कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के पार्षदों को अपने वार्ड से लीड दिलाने का टारगेट रहेगा। वहीं, कई पार्षदों को दूसरे जिलों और अपने गृह क्षेत्र में जाकर भी प्रचार करना पड़ेगा। कांग्रेस पार्षद इंद्रजीत सिंह को लोअर बाजार वार्ड के अलावा पांवटा से भी बढ़त दिलाने का जिम्मा दिया है। उन्हें कांग्रेस ने पांवटा का प्रभारी बनाया है।
विज्ञापन
इसी तरह अपर शिमला से संबंध रखने वाले भाजपा के पार्षदों को अपने गृह क्षेत्र में जाकर भी प्रचार करना पड़ेगा। हालांकि प्रचार कब और कैसे शुरू करना है, इसका शेड्यूल दोनों पार्टियां तैयार कर रही हैं। अभी दोनों ही दलों ने अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है लेकिन मंडल स्तर पर दोनों ही पार्टियों ने बैठकें तेज कर दी हैं। इन बैठकों में पार्षदों के अलावा उन लोगों को भी बुलाया जा रहा है जो पार्षद पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे थे लेकिन हार गए थे। शहर में कुल 34 वार्ड हैं जिनमें 20 वार्डों में भाजपा के पार्षद हैं जबकि 13 वार्ड में कांग्रेस समर्थित पार्षद हैं। एक पार्षद माकपा की है।
विज्ञापन
पार्षदों के लिए रोमांचक रहेगा चुनाव
अभी शिमला सीट से भाजपा की ओर से महापौर कुसुम सदरेट भी दावेदारों की दौड़ में शामिल हैं। इसी तरह कांग्रेस पार्षद सिमी नंदा के पति अमित नंदा भी कांग्रेस की ओर से टिकट की दौड़ में चल रहे हैं। हालांकि, दोनों चेहरे युवा हैं और दोनों ही पार्टियों के पास दूसरे वरिष्ठ नेता भी मौजूद हैं। ऐसे में इन्हें टिकट मिलना तय नहीं है। लेकिन पार्षदों से जुड़े इन दोनों दावेदारों के चलते निगम में भी सियासी हलचलें तेज हैं।
विज्ञापन