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विवादों मे रही पूर्व वीसी के कार्यकाल की शिक्षक भर्ती

Thu, 07 Dec 2017 10:21 PM IST
Updated Thu, 07 Dec 2017 10:21 PM IST
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विवादों मे रही पूर्व वीसी के कार्यकाल की शिक्षक भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पूर्व कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी के कार्यकाल में विवि के सहायक आचार्य पदों पर भर्ती के लिए दो बार शुरू की गई प्रक्रिया लगातार विवादों में घिरती रही। कभी यूजीसी के सहायक आचार्य भर्ती को तय पात्रता शर्तों को नजरअंदाज करने, तो कभी चहेतों को भर्ती करने के आरोप लगे। भर्ती को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों तक की अनदेखी के आरोप लगे। विवि ने 23 सितंबर 2016 को ईसी की आपात बैठक में नतीजे घोषित कर दिए। इसके बाद एक महिला आवेदक ने मीडिया को गुमनाम पत्र लिखकर हिंदी विषय में की गई भर्ती पर गंभीर सवाल उठाए। भर्ती में पैसे का लेनदेन के साथ यौन उत्पीड़न तक के आरोप लगे। अब जबकि इन भर्तियों पर लगे आरोपों की प्रदेश सरकार ने जांच बिठा दी है, तो इसके पूरा होने का हर किसी को बेसब्री से इंतजार रहेगा।

पहले 2012 फिर 2014 में विज्ञापित किए थे शिक्षकों के पद
पूर्व कुलपति के पहले कार्यकाल में अक्तूबर 2011 में सहायक आचार्य के रिक्त पड़े पद विज्ञापित किए गए। इसमें नेट सेट ही भर्ती की मुख्य पात्रता शर्त थी। 2012 में विवि ने शुद्धिपत्र निकाला इसमें पीएचडी को भी छूट दे दी। 2012 में लिए फैसले पर आवेदन मंगवाए गए। सितंबर में साक्षात्कार हुए। अक्तूबर 2012 को चुनाव आचार संहिता लग जाने पर भर्ती प्रक्रिया लटक गई। साक्षात्कार जारी रखने को न्यायालय से विशेष अनुमति ली। कुछ और साक्षात्कार भी हुए। सरकार बदलने पर तत्कालीन कुलसचिव ने पिछली भर्ती के साक्षात्कार में रखी पात्रता पर सवाल उठाकर उसे यूजीसी नियमों के तहत न किए जाने का शपथ पत्र कोर्ट में जमा करवाया।
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सितंबर 2014 में फिर विज्ञापित किए शिक्षकों के पद
नई सरकार बन जाने पर कुलपति ने अपने दूसरे कार्यकाल में शिक्षकों के करीब दो सौ पद विज्ञापित किए। इसमें अधिकतर सहायक के थे। यूजीसी की पीएचडी की ग्यारह में से न्यूनतम छह शर्त पूरी करने वाले पीएचडी धारकों को पात्र माना गया। पी सुशीला के मामले पर मार्च 2016 में आए फैसले को नजरअंदाज करने के आरोप लगे। साक्षात्कार अगस्त और सितंबर 2016 में करवाए गए। 6 अक्तूबर 2015 को हाई कोर्ट ने 2012 के मामले पर अपना फैसला दिया। जिसमें नेट सेट को ही पात्र माना। विवि ने 23 सितंबर 2016 में 56 पदों के नतीजे घोषित कर दिए गए।
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जुलाई 2016 में ईसी में लिया लिफाफे खोलने का फैसला
जुलाई 2016 में कुलपति की अध्यक्षता में आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें दोनों कार्यकाल में हुए साक्षात्कार के नतीजे घोषित करने का फैसला हुआ, लेकिन नाम सार्वजनिक नहीं किए गए। इसे दो अगस्त 2016 की बैठक में सार्वजनिक किया गया। इसमें 2012 के 30 और 2014 के 26 सहायक आचार्य के हुए साक्षात्कार के लिफाफे खोल दिए गए और नाम सार्वजनिक कर दिए गए।
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