सरकार ने खोला नौकरियों का पिटारा, भरे जाएंगे 700 पद
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हिमाचल सरकार ने विभिन्न विभागों में नौकरियों का पिटारा खोला है। वीरवार को कैबिनेट की बैठक में लगभग 700 पदों को भरने को मंजूरी दी गई है। अकेले स्वास्थ्य विभाग में ही 523 पद भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में स्वास्थ्य विभाग में रोगी कल्याण समितियों के तहत पैरामेडिकल स्टाफ के 500 पदों को भरने की मंजूरी प्रदान की।
आईजीएमसी शिमला के सीटीवीएस विभाग में दो पद, आईजीएमसी शिमला में न्यूरो सर्जरी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर का पद भरा जाएगा। शिमला एवं किन्नौर जिला मुख्यालयों में स्वास्थ्य और सुरक्षा नियमन विभाग में प्राधिकृत अधिकारियों के दो पद सृजित करने को भी मंजूरी दी गई।
पढ़िए, कहां कितने पद भरे जाएंगे
शिमला के पीएचसी धरोगड़ा और मंडी के पीएचसी खोलानाल में विभिन्न श्रेणियों के तीन-तीन पद, चंबा जिले के सीएचसी बाथरी में पांच पद और सीएची बद्दी में 10 पद सृजित करने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने जूनियर इंजीनियर सिविल के 112 पद, जूनियर इंजीनियर मेकेनिकल के पांच पद, आईपीएच विभाग में रिक्त चल रहे सहायक अभियंता सिविल के 10 पद, नगर नियोजन विभाग में 13 पद और मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग में 9 पद भरने को भी मंजूरी प्रदान की।
मंत्रिमंडल ने पुलिस विभाग में कुल्लू जिले के लिए सहायक उपनिरीक्षक के तीन पद और कांस्टेबल के 18 पद सृजित करने को मंजूरी प्रदान की। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में जिला लोक संपर्क अधिकारी एवं सूचना अधिकारी के दो पद भरने का निर्णय लिया गया।
1.50 लाख को मिलेगा स्वास्थ्य सेवा योजना का लाभ
‘मुख्यमंत्री राज्य स्वास्थ्य सेवा योजना’ को भी स्वीकृति दी गई है। इस योजना का लाभ प्रदेश के 1.50 लाख लोगों को मिलेगा। मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2015-16 से ‘मुख्यमंत्री राज्य स्वास्थ्य सेवा योजना’ शुरू करने को मंजूरी दी। इस स्कीम का लाभ प्रदेश के करीब 1.50 लाख लोगों को मिलेगा।
इनमें एकल नारी, 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, मिड-डे मील कार्यकर्ता, राज्य की स्वायत्त संस्थाएं, समितियां, रोगी कल्याण समितियां, बोर्डों और निगमों के ऐसे दैनिक भोगी और अंशकालीन कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। ये वे कार्यकर्ता होंगे, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना या किसी अन्य स्वास्थ्य प्रतिपूर्ति योजना के तहत नहीं आते हैं।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि लाभार्थियों का चयन संबंधित विभाग और पंचायत सचिव करेंगे। रोगी को अस्पताल में दाखिल करने की जरूरत नहीं होगी। इस स्कीम के लिए 12 करोड़ का वित्तीय प्रावधान किया गया है। स्कीम के लिए स्मार्ट कार्ड प्रथम जनवरी 2016 से प्रभावी होंगे। लाभार्थी दिसंबर 2020 तक इसके तहत लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
अटल पैंशन योजना में योगदान करेगी सरकार
अटल पेंशन योजना में तीन वर्षों तक सरकार एक-एक हजार रुपये का अंशदान हर खाते में डालेगी। कैबिनेट में मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुरूप अटल पेंशन योजना में 18-40 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक खाताधारक के खाते में अगले तीन वर्षों तक प्रति वर्ष एक हजार रुपये के अंशदान को मंजूरी प्रदान की। यह अंशदान उन्हीं के खातों में दिया जाएगा, जो अब तक इसे नियमित रूप से दे रहे हैं।
पांच को फिर बुलाई जा सकती है मंत्रिमंडल की बैठक
शिमला। हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक पांच अगस्त को फिर से बुलाई जा सकती है। इसी बैठक में राज्य विधानसभा के मानसून सत्र की तिथि तय की जा सकती है। वीरवार को हुई बैठक में इस पर फैसला नहीं हुआ। प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 15 अगस्त के बाद होने की संभावना है।
गलत पौधे बेचे तो होगी जेल
हिमाचल में नर्सरी के विक्रय में धोखाधड़ी अब आसान नहीं होगी। सरकार इसके लिए तीन साल की कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान करेगी। हिमाचल मंत्रिमंडल ने राज्य विधानसभा में इस संबंध में संशोधन विधेयक रखने को मंजूरी दे दी है।
यह विधेयक आगामी मानसून सत्र में पारित किया जा सकता है। प्रदेश सरकार 42 साल बाद फलदार पौधों की बिक्री के इस कानून को बदलने जा रही है। वर्तमान में वर्ष 1973 में बने विधेयक के मुताबिक ही फलदार पौधों की नर्सरियों को नियंत्रित किया जा रहा है।
पौधों की बिक्री करते समय इनकी गुणवत्ता का भी कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। वीरवार को राज्य मंत्रिमंडल ने आगामी विधानसभा सत्र में हिमाचल प्रदेश फलदार पौध नर्सरी पंजीकरण और नियमन विधेयक 2015 को सभा पटल पर रखने को मंजूरी दी।
कैबिनेट में ये घोषणाएं भी की गईं
मंत्रिमंडल ने सुजानपुर टिहरा में मिनी सचिवालय के निर्माण को मंजूरी प्रदान की, जिससे लोगों को एक छत के नीचे विभिन्न सरकारी सुविधाएं मिल सकेंगी। मिनी सचिवालय का निर्माण उपमंडलाधिकारी और तहसील कार्यालय भवन को गिराकर उसके स्थान पर किया जाएगा।
नागरिक अस्पताल ठियोग की क्षमता 50 से बढ़ाकर 150 बिस्तर करने को मंजूरी दी है। कै बिनेट ने कंडाघाट और जुन्गा के नागरिक अस्पतालों की क्षमता बढ़ाकर 50 बिस्तर करने के साथ ही नागरिक स्वास्थ्य केंद्र अंब का दर्जा बढ़ाकर इसे नागरिक अस्पताल बनाने का भी फैसला किया।
बैठक में जनहित में मंडी जिले के कमांद योजना क्षेत्र को नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम से बाहर करते हुए इसे डिनोटीफाई करने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल की बैठक शुरू होते ही सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित की।