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फंसे 70 सैलानी, मददगार बना अमर उजाला
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 02 May 2014 09:11 AM IST
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हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग (एनएच-22) पर राजधानी शिमला से करीब 65 किलोमीटर दूर नारकंडा-हाटू लिंक रोड पर हिमस्खलन के चलते बुधवार को करीब 70 सैलानी जंगल में फंस गए।
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सैलानियों ने ‘अमर उजाला हेल्पलाइन’ पर सड़क बंद होने की सूचना दी। ‘अमर उजाला’ की सूचना पर डीसी शिमला ने आधे घंटे के भीतर घटना स्थल तक रेस्क्यू टीम पहुंचाई और सड़क खुलवाकर सभी सैलानियों को सुरक्षित शिमला पहुंचाया।
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सुरक्षित निकलने के बाद सैलानियों ने ‘अमर उजाला’ का आभार जताया। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और यूपी के सैलानियों का दल बुधवार सुबह आठ बजे शिमला से नारकंडा की ओर रवाना हुआ। सैलानी नारकंडा से आठ किलोमीटर दूर हाटू माता मंदिर के दर्शन और स्कींग ढलानें देखने के लिए नारकंडा गए।
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अमर उजाला हेल्पलाइन काे दी सूचना
हाटू से लौटते हुए संपर्क मार्ग पर हिमस्खलन के कारण दोपहर करीब बारह बजे सैलानियों की आठ गाड़ियां जंगल में फंस गईं। सैलानियों को नारकंडा लेकर गए शिमला के टैक्सी संचालक जसवीर राणा ने 1:55 बजे ‘अमर उजाला’ हेल्पलाइन पर हिमस्खलन की सूचना दी।
पूरी जानकारी जुटाने के बाद ‘अमर उजाला’ ने 2:00 बजे उपायुक्त शिमला दिनेश मल्होत्रा को स्थिति से अवगत करवाया। उपायुक्त शिमला के निर्देश पर एसडीएम रामपुर ने 2:10 बजे प्रभावितों से बात की और जल्द रेसक्यू टीम प्रभावित स्थल पर पहुंचाने का आश्वासन दिया।
2:36 बजे रेस्क्यू टीम के सदस्य मौके पर पहुंचे और सड़क बहाल करने का काम शुरू हुआ। तीन बजे सड़क बहाल होने पर सैलानियों को सुरक्षित शिमला पहुंचाया गया।
‘अमर उजाला’ का आभार जताया
‘अमर उजाला’ हेल्पलाइन के माध्यम से समय रहते मदद मिलने पर सैलानियों ने अमर उजाला का आभार जताया। सुधीर जार्ज और नम्रता जार्ज ने कहा कि यदि समय रहते मदद न मिलती तो पूरी रात जंगल में बितानी पड़ती।
हिमस्खलन में फंसे जयगंज, तासमी गेट अलीगढ़ के रहने वाले तुषार लाल और उनकी पत्नी स्वाति लाल ने बताया कि हिमस्खलन के कारण जंगल में पैदल चलना पड़ा। शिमला लौटने में देरी होने के कारण कालका के लिए 5:20 वाली ट्रेन भी छूट गई।