हिमाचल में बारिश से दो दिन में 626 करोड़ की क्षति, मानसून के दौरान अब तक 63 लोगों की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश से दो दिन में 626 करोड़ रुपये की क्षति हुई है और कुल 25 जानें गई हैं। मानसून के दौरान अभी तक कुल 63 लोगों की मौत हुई है। राज्य सरकार ने क्षतिपूर्ति के लिए 219.65 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है।
इसके अलावा 15 करोड़ रुपये की राशि भी दी गई है। प्रदेश सरकार के पास नुकसान की रिपोर्ट अभी आ रही है। कुल कितनी क्षति हुई, यह बाद में स्पष्ट होगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के एसडीएम को सरकार सैटेलाइट फोन देगी।
प्रदेश सरकार केंद्र की टीम के समक्ष मजबूती के साथ हिमाचल का दावा रखेगी, जिससे अधिक से अधिक वित्तीय मदद मिल सके। सभी डीसी और एसपी से इसकी स्थिति की जानकारी भी ली गई है।
राज्य विधानसभा में मंगलवार को भोजनकाल के बाद नियम-130 के तहत सदन में प्रदेश में भारी बरसात से क्षति पर चर्चा में शामिल होते हुए कर्नल इंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश का बड़ा हिस्सा भारी बारिश से प्रभावित हुआ है।
बरसात के बाद बीमारियों का सामना भी करना पड़ेगा। विधायक राकेश पठानिया ने कहा कि बारिश से नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए आर्थिक रूप से भी तैयार होना पड़ेगा। विक्रम जरयाल ने कहा कि सरकार ने नुकसान की भरपाई को 15 करोड़ जारी कि ए हैं।
माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि सड़कों के किनारे नालियां नहीं हैं और कलवर्ट बंद हैं। इससे सड़कों को ज्यादा नुकसान हो रहा है। विधायक राजेंद्र गर्ग, परमजीत सिंह पम्मी, सुभाष ठाकुर और कमलेश ठाकुर ने भी चर्चा में हिस्सा लिया।
किस विभाग को कितना नुकसान
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत पांच जुलाई को मानसून सक्रिय हुआ है। 16 से 18 अगस्त तक भारी बारिश की सूचना मौसम विभाग ने पहले दे दी थी। सरकार ने पहले ही जिलों में अलर्ट कर दिया था।
क्यूआरटी और एनडीआरएफ की टीमें तैनात रखी थीं। चौबीस घंटे नियंत्रण कक्ष काम करता रहा। सड़कों की नालियों और कलवर्ट पर ध्यान दिया जाएगा। बागवानी और कृषि को 33 फीसदी से ज्यादा नुक सान पर केंद्र से राहत मिलती है।
मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि सड़कों और पुलों को 386 करोड़, आईपीएच की 5929 योजनाओं को 167 करोड़, कृषि 38 करोड़, बागवानी 6.13 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार ने जिलों को 16.05 करोड़, विभागों को 93 करोड़ और आपदा राहत को 49 करोड़ दिए हैं।