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जेओए भर्ती में बरती पूरी पारदर्शिता : राजिंद्र
Updated Mon, 11 Sep 2017 11:35 PM IST
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शिमला।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में जूनियर आफिस असिस्टेंट (जेओए) आईटी के 53 पदों पर हुई भर्ती पर उठे सवालों पर विवि प्रशासन ने कहा कि भर्ती में कोई गड़बड़ी नहीं की है। कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। योग्य लोगों का ही चयन किया गया है। मेरिट को दरकिनार नहीं किया गया है। उन्होंने माना कि फाइनल परिणाम तैयार करते समय मालूम हुआ कि भर्ती के लिए हुई लिखित परीक्षा में मेरिट में रहे दो श्रेणियों के कुछ उम्मीदवार रह गए हैं। इसे विवि भी चूक मान रहा है। उन्होंने कहा कि मेरे संज्ञान में जब मामला लाया गया तो छूटे गए प्रार्थियों के बारे में वास्तविक जांच को समिति (फेक्ट फाइंडिंग कमेटी) का गठन किया। उक्त समिति ने छानबीन की और पाया कि कुछ तकनीकी गलतियां रही हैं। यह गलतियां कंप्यूटर में एक सेल के स्थानांतरित हो जाने से दो श्रेणियों के परिवर्तन होने के कारण हुई। इसलिए त्रुटि में संशोधन किया गया। उनके लिए अलग से साक्षात्कार की तिथि तय कर साक्षात्कार लिए। तकनीकी त्रुटि के निवारण के लिए जो प्रार्थी लिखित एवं टंकण परीक्षा में मेरिट पर थे उनका साक्षात्कार 8 सितंबर, 2017 को प्रात: 10:00 बजे लिया गया। कहा कि अगर इस त्रुटि को सुधारा न जाता तो प्रार्थियों के साथ अन्याय होता।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में जूनियर आफिस असिस्टेंट (जेओए) आईटी के 53 पदों पर हुई भर्ती पर उठे सवालों पर विवि प्रशासन ने कहा कि भर्ती में कोई गड़बड़ी नहीं की है। कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। योग्य लोगों का ही चयन किया गया है। मेरिट को दरकिनार नहीं किया गया है। उन्होंने माना कि फाइनल परिणाम तैयार करते समय मालूम हुआ कि भर्ती के लिए हुई लिखित परीक्षा में मेरिट में रहे दो श्रेणियों के कुछ उम्मीदवार रह गए हैं। इसे विवि भी चूक मान रहा है। उन्होंने कहा कि मेरे संज्ञान में जब मामला लाया गया तो छूटे गए प्रार्थियों के बारे में वास्तविक जांच को समिति (फेक्ट फाइंडिंग कमेटी) का गठन किया। उक्त समिति ने छानबीन की और पाया कि कुछ तकनीकी गलतियां रही हैं। यह गलतियां कंप्यूटर में एक सेल के स्थानांतरित हो जाने से दो श्रेणियों के परिवर्तन होने के कारण हुई। इसलिए त्रुटि में संशोधन किया गया। उनके लिए अलग से साक्षात्कार की तिथि तय कर साक्षात्कार लिए। तकनीकी त्रुटि के निवारण के लिए जो प्रार्थी लिखित एवं टंकण परीक्षा में मेरिट पर थे उनका साक्षात्कार 8 सितंबर, 2017 को प्रात: 10:00 बजे लिया गया। कहा कि अगर इस त्रुटि को सुधारा न जाता तो प्रार्थियों के साथ अन्याय होता।