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बिलासपुर में मनाई भारत- पाक युद्ध की 53वीं वर्षगांठ

Mon, 24 Sep 2018 11:17 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर Updated Mon, 24 Sep 2018 11:17 AM IST
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53rd anniversary of Indo-Pak war celebrated in Bilaspur

वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की 53वीं वर्षगांठ पूर्व सैनिकों और 53 आर्म्ड रैजिमेंट ने रविवार को बिलासपुर में राज्य स्तरीय विजय दिवस के रूप में मनाई। समारोह में आर्म्ड रेजिमेंट के कमान अधिकारी कर्नल अभिषेक सक्सेना मुख्यातिथि थे।

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समारोह की अध्यक्षता पूर्व सैनिक कल्याण समिति के अध्यक्ष सूबेदार प्रकाश चंद ने की। सैन्य अधिकारियों और पूर्व सैनिकों ने बिलासपुर शहर के चंगर सेक्टर स्थित परिधि गृह में शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। सेना के जवानों की टुकड़ी ने उल्टे शस्त्र कर 1965 के वीर शहीदों को नमन किया। 
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मुख्यातिथि कर्नल अभिषेक सक्सेना ने कहा कि हिमाचल देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि भी है। हिमाचल के कई वीर जवान युद्धों में देश की रक्षा के लिए शहादत का जाम पी चुके हैं। भारत-पाकिस्तान युद्ध में पराक्रम दिखाने वाले हिमाचल के वीर जवानों को 11 वीर चक्र, एक महावीर चक्र और 7 सेना मेडलों से सम्मानित किया गया था। जिला प्रशासन से कार्यक्रम में कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। केवल एएसपी भागमल ठाकुर ही आए थे।
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इन्हें किया सम्मानित
सुन्हाणी-बिलासपुर निवासी शहीद सिपाही मनसाराम की विधवा कर्मी देवी, कोठीपुरा के शहीद हवलदार नंतराम की विधवा मीरा शर्मा, बल्ही-झलेड़ा-बिलासपुर के शहीद हवलदार मुंशीराम की विधवा सरबनो देवी, सोलन के शहीद हवलदार बोहरा राम की विधवा सरस्वती देवी व मंडी के शहीद कृष्ण चंद की विधवा चिंता देवी को कमान अधिकारी कर्नल अभिषेक सक्सेना ने शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

57 दिन चला था भारत-पाक युद्ध
965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध  57 दिन चला था। 5 अगस्त को युद्ध की शुरूआत हुई थी। 23 सितंबर को रात्रि 12 बजे युद्ध विराम की घोषणा हुई थी। 5 अगस्त, 1965 को पाकिस्तानी सेना के 33 हजार सैनिक लाइन ऑफ कंट्रोल पार कर भारतीय सीमा में घुसे थे।


भारतीय सेना ने हजारों पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और एलओसी से पीछे धकेल दिया था। युद्ध में भारत के 3 हजार सैनिकों ने शहादत पाई थी। इनमें बिलासपुर के 31 वीर सपूतों सहित प्रदेश के 165 रणबांकुरों ने शहादत पाई थी।

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