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गरीबों को आवास देने के सर्वेक्षण में फर्जीवाड़ा, होगी विजिलेंस जांच
Updated Thu, 26 Apr 2018 01:57 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। प्रधानमंत्री आवास योजना में शहर के गरीब परिवारों को आवास सुविधा देने के लिए करवाए गए सर्वेक्षण में भारी खामियां सामने आने के बाद इसकी विजिलेंस जांच करवाई जाएगी।
सर्वेक्षण पर सवाल उठने के बाद नगर निगम ने इसका प्रस्ताव पारित कर दिया है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के अलावा बीपीएल सूची की भी विजिलेंस जांच करवाई जाएगी। पार्षद दिवाकर शर्मा ने सबसे पहले इस मामले पर सवाल दागे। पूछा कि क्या उनके वार्ड में सिर्फ दो ही गरीब परिवार है। बाकी वार्डों में सैकड़ों परिवार गरीब बताए गए हैं। अर्चना धवन, किमी सूद और आरती धवन ने कहा कि पूरा सर्वे फर्जी है। एक ही परिवार के पांच पांच लोग इस सर्वे में लिए गए हैं। अमीरों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। विवेक शर्मा ने कहा कि पैसा देकर एजेंसी से सर्वे करवाया गया, लेकिन इसमें भारी गड़बड़ी है। किरण बावा ने कहा कि घपला सामने आना चाहिए। शैलेंद्र चौहान ने कहा कि नेपाल से आए लोगों के नाम इन सूचियों में डाले गए हैं। शैली शर्मा ने पूछा कि बीपीएल सर्वे 2007 के बाद क्यों नहीं करवाया। संयुक्त आयुक्त विकास सूद ने कहा कि साल 2017 में इस बारे में सरकार को प्रस्ताव भेजा था। अब फिर से सर्वे करवाने की अनुमति के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
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ये है पूरा मामला
गरीब परिवारों को निशुल्क आवास सुविधा देने के लिए पिछले साल निगम ने एक एजेंसी से सर्वे करवाया था। एजेंसी ने करीब तीन हजार परिवार चुने जो गरीब बताए गए। लेकिन सवाल तब उठे जब ये सूची पार्षदों के पास गए। इनमें कई निगम के बाहर पंचायतों के लोग शामिल थे। कई जगह एक ही परिवार के पांच लोग शामिल किए गए। नौकरी पेशा और बहुमंजिला मकानों वाले लोगों तक के नाम सूची में शामिल है।
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इन प्रस्तावों पर बनी सहमति
वेंडिंग पॉलिसी पर सरकार को लिखेंगे पत्र
शहर में तहबाजारियों को बसाने के लिए केंद्र से जो पैसा आया है, उसे रिलीज करवाने के लिए सरकार को पत्र लिखा जाएगा। पार्षद किमी सूद ने कहा कि सर्वे हो चुका है लेकिन नीति बनाने में देरी हो रही है। जब तक नीति नहीं बनेगी, पैसा कहां खर्चेंगे। पार्षद सुषमा कुठियाला, तनुजा चौधरी ने कहा कि नीति न बनने के कारण शहर में तहबाजारी परेशानी का सबब बन गए हैं।
सभी वार्डों में लगेंगे वाटर एटीएम
शहर के सभी 34 वार्डों में वाटर एटीएम लगेंगे। इनमें एक लीटर के लिए दो रुपये चुकाने होंगे।