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Shimla News: आईजीएमसी के 500 आउटसोर्स कर्मियों को मिला सेवा विस्तार

Fri, 12 Sep 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Sep 2025 11:59 PM IST
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500 outsourced employees of IGMC got service extension
अस्पताल प्रबंधन ने तीन माह बढ़ाया अनुबंध
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सफाई कर्मचारियों और डाटा एंट्री ऑपरेटर भी लाभान्वित
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) के 500 आउटसोर्स कर्मचारियों का अनुबंध प्रशासन ने तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है। अगस्त के अंत में कर्मचारियों की कार्यावधि पूरी हो गई थी जिसके बाद यह संशोधित निर्णय लिया गया।
अब यह कर्मचारी दिसंबर तक अस्पताल में सेवाएं देते रहेंगे। आईजीएमसी में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या 500 से अधिक है। यह कर्मचारी अस्पताल के विभिन्न विभागों में तैनात हैं। इनमें सफाई कर्मचारी, वार्ड अटेंडेंट, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सिक्योरिटी गार्ड, ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट, ईसीजी तकनीशियन, लॉन्ड्री और मेस स्टाफ शामिल हैं। इन कर्मचारियों की तैनाती अलग-अलग ठेकेदार एजेंसियों के माध्यम से की गई है जिनके जरिये अस्पताल अपनी बुनियादी सेवाओं का संचालन करता है।
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अनुबंध अवधि बढ़ाना इसलिए जरूरी हो गया क्योंकि मरीजों की सुविधाओं पर असर पड़ सकता था। शिमला और आसपास के इलाकों से प्रतिदिन हजारों मरीज आईजीएमसी आते हैं। ऐसे में यदि सफाई व्यवस्था, वार्ड प्रबंधन या तकनीकी सहयोग जैसी सेवाएं रुक जातीं हैं तो हालात गंभीर हो सकते थे। आईजीएमसी में पहले से ही स्थायी स्टाफ की कमी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। खासकर नर्सिंग और वार्ड प्रबंधन में अतिरिक्त सहयोग की जरूरत लगातार बताई जाती रही है। इस पृष्ठभूमि में आउटसोर्स कर्मचारियों की भूमिका और अहम हो जाती है। अनुबंध विस्तार से तत्काल संकट तो टल गया है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान तभी संभव होगा जब आउटसोर्स पर निर्भरता घटाकर स्थायी नियुक्तियों पर जोर दिया जाए।
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एरियर भुगतान की समस्या जस की तस आईजीएमसी के आउटसोर्स कर्मचारी लंबे समय से एरियर भुगतान की समस्या से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कई महीनों से उनका मेहनताना नहीं मिला है जिससे आर्थिक तंगी बढ़ती जा रही है। परिवार के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक आवश्यकताओं पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। अनुबंध बढ़ने के बावजूद भुगतान को लेकर अभी तक कोई ठोस आश्वासन सामने नहीं आया है।
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