चार भावी इंजीनियरों को मिला डायरेक्टर मेडल, 50 को गोल्ड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर में शनिवार को आठवां दीक्षांत समारोह मनाया गया। ब्रह्मोस रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान के महानिदेशक, ब्रह्मोस एरोस्पेस के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा मुख्यातिथि थे।
एनआईटी हमीरपुर प्रशासकीय परिषद के अध्यक्ष प्रो. चंद्रशेखर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। समारोह में संस्थान के चार इंजीनियरों को डायरेक्टर मेडल से नवाजा गया। इनमें वर्ष 2014 के पासआउट इंजीनियर वासु शर्मा, 2015 के अंकुश कुमार, 2016 के नित्य गर्ग और वर्ष 2017 की पासआउट इंजीनियर तान्या
अग्रवाल शामिल रहीं। 50 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इनमें वर्ष 2014 शैक्षणिक सत्र में एमटेक के मकबाना नीलेश दिनेशभाई और सोनल श्रेया को गोल्ड मेडल से नवाजा गया। एमटेक वर्ष 2015 में मनोज सूद, अभिमन्यु गुप्ता, कृष्णा कांत, वाईएम आशा लट्ठा, मोहनवीर सिंह, अंकुर
गुप्ता, हरप्रीत कौर और मनीष कुमार, 2016 एमटेक में आरुषि गुप्ता, दीपिका नेगी, अविनाश कुमार, कटुरु सुब्रह्मणयम, अमित कुमार, अंकुर शर्मा, पंकज शर्मा और कृष्ण अग्रवाल, एमटेक 2017 में विवेक ठाकुर, निशि गंगवार, ललित ठाकुर, नवसल कुमार, अपूर्व रवि पांडे, आशीष मिश्रा, नेहा शर्मा, पल्लवी
कौशिक, विवेक सेठी, शिवांगी गुप्ता, आयुष चंद्रा पुंडीर, सचिन कुमार धीमान और संजीव कुमार को गोल्ड मेडल दिया गया। बीटेक और बी-आर्किटेक्चर में 31 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल मिले।
एक तिहाई को मिला गोल्ड मेडल, 50 फीसदी को डिग्रियां
बीटेक मेकेनिकल इंजीनियरिंग में अव्वल रोहित पटियाल को गोल्ड मेडल से नवाजा गया। 377 विद्यार्थियों को डिग्रियां देकर सम्मानित किया गया। चार साल बाद हुआ एनआईटी का दीक्षांत समारोह अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया।
प्रतिभागियों की उपस्थिति न के बराबर रही। संस्थान ने 763 विद्यार्थियों को उपाधियां और 150 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल देने का दावा प्रेस वार्ता में किया था, लेकिन समारोह में एक तिहाई मेधावी ही गोल्ड मेडल लेने पहुंचे।
50 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल मिला, जबकि शेष छात्र समारोह में नहीं पहुंच पाए। संस्थान ने 763 विद्यार्थियों को डिग्रियां देने के लिए सूची जारी की थी। इनमें केवल 377 विद्यार्थी पहुंचे। कम प्रतिभागियों के चलते संस्थान प्रबंधन ने मीडिया से भी दूरी बनाए रखी।
--