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Shimla News: निजी स्कूलों की बस पास दरों में 50 फीसदी बढ़ोतरी
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शहर के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों पर पड़ेगा असर
एचआरटीसी का तर्क, 13 साल के बाद बढ़ाई हैं दरें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में निजी स्कूलों के लिए चलाई जाने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की चार्टेड बसों के किराये में मासिक 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है।
एचआरटीसी के इस निर्णय से अभिभावकों को हर माह 300 से 600 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। इस हिसाब से तीन महीने के लिए बनने वाले पास में 900 रुपये से 18,00 रुपये की बढ़ोतरी की है। महंगाई के दौर से गुजर रहे अभिभावकों को बच्चों को लाने और ले जाने के लिए किराये के रूप में और जेब ढीली करनी पड़ेगी। निगम के इस निर्णय से जिले के विभिन्न निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 21,00 विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर इसका अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
शिमला के विभिन्न निजी कॉन्वेंट स्कूलों के विद्यार्थियों को स्कूल से लाने और ले जाने के लिए एचआरटीसी कई सालों से बस सुविधा मुहैया करवा रहा है। इसमें 54 से अधिक बसें सेवाएं दे रही हैं। एचआरटीसी किराये में एकमुश्त की गई बढ़ोतरी के लिए तर्क दे रहा है कि पिछले 13 सालों से किराये में बढ़ोतरी नहीं की है। वर्ष 2018 में भी किराया बढ़ाने का फैसला लिया था लेकिन विरोध के चलते इस वापस ले लिया था। एचआरटीसी का तर्क है कि इतने सालों में डीजल की कीमतों से लेकर बसों के रखरखाव में भारी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में किराया बढ़ाना जरूरी था।
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राजधानी में सेंट एडवर्ड, जीसस एंड मेरी, लोरेटो कॉन्वेंट ताराहाल, ऑकलैंड, सेक्रेड हार्ट ढली, स्टोक्स मेमोरियल स्कूल पुजारली, डीएवी न्यू शिमला और डीएवी टुटू समेत अन्य निजी स्कूलों के लिए एचआरटीसी की चार्टेड बसें चलाई जाती हैं। हालांकि परिवहन निगम ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को दी जा रही निशुल्क यात्रा की सुविधा को जारी रखा है। इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। एचआरटीसी के इस फैसले से निजी स्कूलों के बच्चों के अभिभावक इसके विरोध में उतर सकते हैं।
बढ़ाई गईं दरें
एक तरफ की यात्रा किमी पुरानी दरें नई दरें
पांच किलोमीटर तक 600 900
दस किलोमीटर तक 900 1350
पंद्रह किलोमीटर तक 1000 1500
20 किलोमीटर तक 1200 1800
इनसेट
एचआरटीसी ने निजी स्कूलों के लिए चलाई जाने वाली चार्टेड बसों के किराये में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। पिछले 13 सालों में किराये में बढ़ोतरी नहीं की थी। इस दौरान डीजल समेत बसों के रखरखाव में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसको देखते हुए निगम ने यह फैसला लिया है।
-विनोद शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक लोक डिपो एचआरटीसी
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एचआरटीसी का तर्क, 13 साल के बाद बढ़ाई हैं दरें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में निजी स्कूलों के लिए चलाई जाने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की चार्टेड बसों के किराये में मासिक 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है।
एचआरटीसी के इस निर्णय से अभिभावकों को हर माह 300 से 600 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। इस हिसाब से तीन महीने के लिए बनने वाले पास में 900 रुपये से 18,00 रुपये की बढ़ोतरी की है। महंगाई के दौर से गुजर रहे अभिभावकों को बच्चों को लाने और ले जाने के लिए किराये के रूप में और जेब ढीली करनी पड़ेगी। निगम के इस निर्णय से जिले के विभिन्न निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 21,00 विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर इसका अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
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शिमला के विभिन्न निजी कॉन्वेंट स्कूलों के विद्यार्थियों को स्कूल से लाने और ले जाने के लिए एचआरटीसी कई सालों से बस सुविधा मुहैया करवा रहा है। इसमें 54 से अधिक बसें सेवाएं दे रही हैं। एचआरटीसी किराये में एकमुश्त की गई बढ़ोतरी के लिए तर्क दे रहा है कि पिछले 13 सालों से किराये में बढ़ोतरी नहीं की है। वर्ष 2018 में भी किराया बढ़ाने का फैसला लिया था लेकिन विरोध के चलते इस वापस ले लिया था। एचआरटीसी का तर्क है कि इतने सालों में डीजल की कीमतों से लेकर बसों के रखरखाव में भारी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में किराया बढ़ाना जरूरी था।
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राजधानी में सेंट एडवर्ड, जीसस एंड मेरी, लोरेटो कॉन्वेंट ताराहाल, ऑकलैंड, सेक्रेड हार्ट ढली, स्टोक्स मेमोरियल स्कूल पुजारली, डीएवी न्यू शिमला और डीएवी टुटू समेत अन्य निजी स्कूलों के लिए एचआरटीसी की चार्टेड बसें चलाई जाती हैं। हालांकि परिवहन निगम ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को दी जा रही निशुल्क यात्रा की सुविधा को जारी रखा है। इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। एचआरटीसी के इस फैसले से निजी स्कूलों के बच्चों के अभिभावक इसके विरोध में उतर सकते हैं।
बढ़ाई गईं दरें
एक तरफ की यात्रा किमी पुरानी दरें नई दरें
पांच किलोमीटर तक 600 900
दस किलोमीटर तक 900 1350
पंद्रह किलोमीटर तक 1000 1500
20 किलोमीटर तक 1200 1800
इनसेट
एचआरटीसी ने निजी स्कूलों के लिए चलाई जाने वाली चार्टेड बसों के किराये में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। पिछले 13 सालों में किराये में बढ़ोतरी नहीं की थी। इस दौरान डीजल समेत बसों के रखरखाव में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसको देखते हुए निगम ने यह फैसला लिया है।
-विनोद शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक लोक डिपो एचआरटीसी