48 लाख मतदाता करेंगे चार सांसदों की किस्मत का फैसला
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हिमाचल प्रदेश के चार संसदीय क्षेत्र के सात मई को होने वाले चुनाव के लिए 38 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला प्रदेश के 4810071 मतदाता करेंगे। बृहस्पतिवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से संशोधित मतदाता सूची जारी कर दी गई, जिसमें 70 हजार से अधिक नए मतदाता बढ़ने की बात सामने आई है।
पांच मार्च को देश भर में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से लेकर नौ अप्रैल तक मतदाता बनाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया था।
इस दौरान हजारों की संख्या में मतदाता बनने के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन आवेदनों का निस्तारण करने के बाद 70 हजार से अधिक नए मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ दिया गया है।
70027 नए वोटर जोड़े गए
निर्वाचन विभाग की ओर से लोकसभा चुनाव के लिए जनवरी 2014 में वोटर लिस्ट जारी की गई थी, जिसमें मतदाताओं की संख्या 4740044 थी।
आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से लेकर नौ अप्रैल तक नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए अभियान चलाया गया, जिसमें 70027 नए वोटर जोड़े गए। संशोधित सूची के अनुसार अब प्रदेश में वोटरों की संख्या 4810071 हो गई है। इतने ही मतदाता अब प्रदेश की चार संसदीय सीटों के लिए चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे 38 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।
सबसे अधिक मतदाता कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में 1258601 है, जबकि सबसे कम मतदाताओं की संख्या मंडी संसदीय क्षेत्र में 1150408 है।
ये है मतदाताओं का आंकड़ा
संसदीय सीट कांगड़ा से 1258601 मतदाता हैं। संसदीय सीट मंडी से 1150408 मतदाता हैं। संसदीय सीट हमीरपुर से 1247699 मतदाता हैं। संसदीय सीट शिमला से 1153363 मतदाता हैं। कुल 4810071 मतदाता हैं।
-किस विधानसभा में सबसे अधिक मतदाता - सुलह - 92720
-किस विधानसभा में सबसे कम मतदाता - लाहौल-स्पीति - 23040