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वोटर स्लिप ने उलझाए कई मतदाता, बिना वोट दिए लौटे
Mon, 20 May 2019 12:49 PM IST
शिमला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 20 May 2019 12:49 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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निर्वाचन विभाग की ओर से मतदाताओं को घर-घर दी गई वोटर स्लिप ने लोगों को खूब उलझाया। बहुत से लोग निर्वाचन विभाग की ओर से दी वोटर स्लिप को लेकर ही वोट डालने पहुंच गए। निर्वाचन विभाग की ओर से निर्दिष्ट पहचानपत्र न लाने वाले मतदाताओं को वोट नहीं डालने दिया गया।
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एचपीएमसी से बतौर डीजीएम सेवानिवृत्त 71 वर्षीय गोपाल ठाकुर संजौली के लक्ष्मीनारायण मंदिर के पास स्थित मतदान केंद्र पर 9:15 बजे वोट डालने पहुंचे। आंखें कमजोर होने के कारण उनकी धर्मपत्नी चंपा ठाकुर उन्हें पकड़ कर पोलिंग बूथ तक लाईं। गोपाल ठाकुर निर्वाचन विभाग की ओर से दिए वोटर स्लिप को लेकर वोट डालने पहुंचे थे लेकिन चुनाव कर्मियों ने उनसे पहचानपत्र मांगा। गोपाल ठाकुर ने बताया कि वोटर स्लिप में फोटो है, पूरा विवरण है निर्वाचन विभाग की ओर से ही इसे जारी किया है तो फिर वोट देने के लिए यह क्यों मान्य नहीं है। इसके बाद उनकी पत्नी चंपा ने घर जाकर वोटर आईडी लाया। करीब एक घंटे इंतजार के बाद गोपाल वोट डाल सके।
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संजौली के इंजनघर स्थित एसपीएम स्कूल पोलिंग बूथ पर पहुंचे 87 वर्षीय आरसी सूद भी वोटर स्लिप लेकर वोट डालने पहुंचे। मतदान कर्मियों ने जब वोट नहीं डालने दिया तो सूद खासे आहत हुए। आरसी सूद ने कहा कि डेढ़ सौ सीढ़ियां चढ़ कर वह मतदान केंद्र तक पहुंचे थे अब दोबारा आई कार्ड लेकर वोट डालने नहीं आ सकते। वोटर स्लिप की व्यवस्था शुरू कर निर्वाचन विभाग ने वोटरों को उलझन में डाल दिया। सूद ने निर्वाचन कर्मियों को घर जाने के लिए गाड़ी उपलब्ध करने की भी मांग की। इसी बूथ पर वोट डालने पहुंचे राजीव सूद और सविता सूद भी वोटर स्लिप लेकर ही वोट डालने पहुंचे थे। निर्वाचन विभाग की ओर से की गई नई व्यवस्था को लेकर इन्होंने भी कड़ी नाराजगी जताई।
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भटकते रहे 80 साल के बलदेव
दीवान विला संजौली में रहने वाले 80 वर्षीय बलदेव सिंह निर्वाचन विभाग की कार्यप्रणाली से खासे नाराज दिखे। सत्यनारायण मंदिर के पास स्थापित पोलिंग बूथ में वोटर लिस्ट में नाम न होने के कारण बलदेव सिंह को करीब एक घंटे तक परेशान होना पड़ा। इसके बाद इन्हें इंजनघर वार्ड के एसपीएम स्कूल में स्थापित पोलिंग बूथ पर भेज दिया गया। यहां भी इनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं मिला। बलदेव ने बताया कि 1950 से वह शिमला में रहते हैं। पिछले विस चुनाव में भी वोट नहीं डाल पाए। हालांकि बाद में एसपीएम स्कूल पोलिंग बूथ पर इन्होंने वोट डाला।