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नियम बदले, अब ढारामालिकों को भी मिलेंगे बिजली कनेक्शन
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले के दर्जनों अवैध ढारा मालिकों को भी अब बिजली के कनेक्शन मिलेंगे। इसके लिए नगर निगम या टीसीपी से एनओसी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ एक आवेदन करने पर ही कनेक्शन मिल जाएगा। सरकार की ओर से नियमों में बदलाव करने के बाद ढारा मालिकों को अस्थायी तौर पर बिजली के कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ढारा मालिक अपना आवेदन शपथपत्र के साथ बिजली बोर्ड कार्यालय में जमा करवा सकता है। बोर्ड तुरंत वहां बिजली का कनेक्शन लगा देगा। शिमला शहर और जिले के बाकी इलाकों में सैकड़ों लोग ढारों में रह रहे हैं। पहले बिजली का कनेक्शन लेने के लिए नगर निगम या टीसीपी की एनओसी लेनी पड़ती थी। इस कारण ज्यादातर ढारों में आज तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। कई लोगों ने अवैध तौर पर बिजली ले रखी है। अब बिजली को मूलभूत जरूरत मानते हुए हाल ही में सरकार ने नियमों में बदलाव किया और बिना एनओसी भी बिजली कनेक्शन देने को मंजूरी दे दी। हालांकि, यह कनेक्शन अस्थाई होंगे और उपभोक्ताओं से 7.80 प्रति यूनिट की दर से बिल लिया जाएगा। अधीक्षण अभियंता राजीव सूद का कहना है कि नियमों में हुए बदलाव के बाद कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहे ढारा मालिकों को बिजली देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार के आदेशों को लागू किया जा रहा है।
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शिमला। जिले के दर्जनों अवैध ढारा मालिकों को भी अब बिजली के कनेक्शन मिलेंगे। इसके लिए नगर निगम या टीसीपी से एनओसी लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ एक आवेदन करने पर ही कनेक्शन मिल जाएगा। सरकार की ओर से नियमों में बदलाव करने के बाद ढारा मालिकों को अस्थायी तौर पर बिजली के कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ढारा मालिक अपना आवेदन शपथपत्र के साथ बिजली बोर्ड कार्यालय में जमा करवा सकता है। बोर्ड तुरंत वहां बिजली का कनेक्शन लगा देगा। शिमला शहर और जिले के बाकी इलाकों में सैकड़ों लोग ढारों में रह रहे हैं। पहले बिजली का कनेक्शन लेने के लिए नगर निगम या टीसीपी की एनओसी लेनी पड़ती थी। इस कारण ज्यादातर ढारों में आज तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। कई लोगों ने अवैध तौर पर बिजली ले रखी है। अब बिजली को मूलभूत जरूरत मानते हुए हाल ही में सरकार ने नियमों में बदलाव किया और बिना एनओसी भी बिजली कनेक्शन देने को मंजूरी दे दी। हालांकि, यह कनेक्शन अस्थाई होंगे और उपभोक्ताओं से 7.80 प्रति यूनिट की दर से बिल लिया जाएगा। अधीक्षण अभियंता राजीव सूद का कहना है कि नियमों में हुए बदलाव के बाद कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहे ढारा मालिकों को बिजली देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार के आदेशों को लागू किया जा रहा है।
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