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फाइलों के ढेर लगाने को न हो टाउन हाल का इस्तेमाल
Updated Sun, 26 Aug 2018 01:00 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। फाइलों के ढेर लगाने के लिए टाउन हॉल का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। टाउन हॉल पर नगर निगम का मालिकाना हक रहे लेकिन करोड़ों खर्च होने के बाद इसे शहर के एक आकर्षक पर्यटक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। शनिवार को पर्यटन विभाग की ट्रिपल एच में आयोजित बैठक में बात शिमला के प्रबुद्ध लोगों ने कही। शिमला निवासी कर्नल इंद्रवीर राणा ने कहा कि टाउन हॉल शहर के केंद्र में है, इसलिए इसका प्रयोग पर्यटक गतिविधियों केे लिए होना चाहिए। बिजली, पानी और टैक्स के दफ्तर खुलने पर यहां फाइलों के ढेर लग जाएंगे और कुछ सालों में दोबारा इसका जीर्णोद्धार करवाना पड़ेगा। हैरिटेज एडवाइजरी कमेटी के सदस्य बीएस मनन ने कहा कि नगर निगम को एक बड़े कार्यालय की आवश्यकता है जहां लोग गाड़ियों में आ जा सकें। पार्षदों के लिए आफिस हो, निगम आयुक्त के लिए कोर्ट रूम हो। टाउन हॉल इसके लिए उपयुक्त नहीं है। सेवानिवृत्त प्रिंसिपल सुभाष गुप्ता ने कहा कि नगर निगम के अधीन यहां सैलानियों के लिए ऑडियो विजुअल हॉल बनना चाहिए। अर्पणा नेगी ने टाउन हाल में आम शहरियों के लिए स्पीकर हॉल बनाने का सुझाव दिया। लेखक राजा वसीन ने कहा कि 1908 में बने इस भवन में पहले लाइब्रेरी, डाक्टर रूम और टेस्ट लैब थीं लेकिन ई-गर्वनेंस के जमाने में अब लोग सारे काम ऑनलाइन करते हैं। साहित्यकार एसआर हरनोट ने टाउन हॉल में दोबारा फाइलों के ढेर लगाने पर आपत्ति जताई। कहा कि यह राज्य स्तरीय कला केंद्र के रूप में विकसित हो। प्रोफेसर हिम चटर्जी ने कहा कि टाउन हॉल में शिमला के लोगों और सैलानियों को संगीत, कला और साहित्य के क्षेत्र में योगदान देने वालों की यहां जानकारी उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। नेवी अधिकारी रूपन ने सवाल उठाया कि टाउन हॉल मेें क्लर्क क्यों बैठें, यहां परमवीर चक्र विजेताओं का म्यूजियम बनाया जाना चाहिए। पेंशनर एसोसिएशन के प्रतिनिधि सुभाष वर्मा ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को टाउन हाल में एक कमरा उपलब्ध करवाया जाए। पर्यटन कारोबारी अजय ठाकुर ने सुझाव दिया कि टाउन हॉल में सैलानियों को पूरे प्रदेश के पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए सूचना केंद्र स्थापित होना चाहिए।
न्यायालय के आदेशों पर हुई बैठक
पर्यटन विभाग के निदेशक राकेश कंवर ने बताया कि न्यायालय के आदेशों पर यह बैठक की है। न्यायालय ने जीर्णोद्धार के बाद टाउन हाल के पब्लिक यूज के निर्देश दिए हैं। अब इसका कैसे इस्तेमाल होगा इसे लेकर सरकार को न्यायालय में शपथ पत्र देना है। शपथ पत्र देने से पहले सरकारी, गैर सरकारी संस्थाओं, सामाजिक, व्यवसायिक, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के विचार जानने के लिए बैठक बुलाई है। इसके बाद पूरी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी जाएगी और सरकार न्यायालय को शपथ पत्र न्यायालय देगी।
शिमला। फाइलों के ढेर लगाने के लिए टाउन हॉल का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। टाउन हॉल पर नगर निगम का मालिकाना हक रहे लेकिन करोड़ों खर्च होने के बाद इसे शहर के एक आकर्षक पर्यटक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। शनिवार को पर्यटन विभाग की ट्रिपल एच में आयोजित बैठक में बात शिमला के प्रबुद्ध लोगों ने कही। शिमला निवासी कर्नल इंद्रवीर राणा ने कहा कि टाउन हॉल शहर के केंद्र में है, इसलिए इसका प्रयोग पर्यटक गतिविधियों केे लिए होना चाहिए। बिजली, पानी और टैक्स के दफ्तर खुलने पर यहां फाइलों के ढेर लग जाएंगे और कुछ सालों में दोबारा इसका जीर्णोद्धार करवाना पड़ेगा। हैरिटेज एडवाइजरी कमेटी के सदस्य बीएस मनन ने कहा कि नगर निगम को एक बड़े कार्यालय की आवश्यकता है जहां लोग गाड़ियों में आ जा सकें। पार्षदों के लिए आफिस हो, निगम आयुक्त के लिए कोर्ट रूम हो। टाउन हॉल इसके लिए उपयुक्त नहीं है। सेवानिवृत्त प्रिंसिपल सुभाष गुप्ता ने कहा कि नगर निगम के अधीन यहां सैलानियों के लिए ऑडियो विजुअल हॉल बनना चाहिए। अर्पणा नेगी ने टाउन हाल में आम शहरियों के लिए स्पीकर हॉल बनाने का सुझाव दिया। लेखक राजा वसीन ने कहा कि 1908 में बने इस भवन में पहले लाइब्रेरी, डाक्टर रूम और टेस्ट लैब थीं लेकिन ई-गर्वनेंस के जमाने में अब लोग सारे काम ऑनलाइन करते हैं। साहित्यकार एसआर हरनोट ने टाउन हॉल में दोबारा फाइलों के ढेर लगाने पर आपत्ति जताई। कहा कि यह राज्य स्तरीय कला केंद्र के रूप में विकसित हो। प्रोफेसर हिम चटर्जी ने कहा कि टाउन हॉल में शिमला के लोगों और सैलानियों को संगीत, कला और साहित्य के क्षेत्र में योगदान देने वालों की यहां जानकारी उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। नेवी अधिकारी रूपन ने सवाल उठाया कि टाउन हॉल मेें क्लर्क क्यों बैठें, यहां परमवीर चक्र विजेताओं का म्यूजियम बनाया जाना चाहिए। पेंशनर एसोसिएशन के प्रतिनिधि सुभाष वर्मा ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को टाउन हाल में एक कमरा उपलब्ध करवाया जाए। पर्यटन कारोबारी अजय ठाकुर ने सुझाव दिया कि टाउन हॉल में सैलानियों को पूरे प्रदेश के पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए सूचना केंद्र स्थापित होना चाहिए।
न्यायालय के आदेशों पर हुई बैठक
पर्यटन विभाग के निदेशक राकेश कंवर ने बताया कि न्यायालय के आदेशों पर यह बैठक की है। न्यायालय ने जीर्णोद्धार के बाद टाउन हाल के पब्लिक यूज के निर्देश दिए हैं। अब इसका कैसे इस्तेमाल होगा इसे लेकर सरकार को न्यायालय में शपथ पत्र देना है। शपथ पत्र देने से पहले सरकारी, गैर सरकारी संस्थाओं, सामाजिक, व्यवसायिक, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के विचार जानने के लिए बैठक बुलाई है। इसके बाद पूरी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी जाएगी और सरकार न्यायालय को शपथ पत्र न्यायालय देगी।
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