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आईजीएमसी में फुटपाथ निर्माण ने की राह मुश्किल
Updated Thu, 23 Nov 2017 10:54 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आईजीएमसी जाने वाले लोगों की पैदल आवाजाही सुरक्षित करने के लिए बनाया जा रहे फुटपाथ निर्माण ने लोगों की राह को मुश्किल कर दिया है। आईजीएमसी के समीप दो सौ मीटर की सड़क में अभी फुटपाथ बनाने का काम किया जा रहा है। फुटपाथ को बनाए गढ्ढों से निकलने वाला मलबा दूसरी ओर पुरानी बिल्डिंग की ओर जाने वाली सड़क पर गिरा है। इसके कारण न तो मरीजों की गाड़ियां न तो आवाजाही कर पा रही हैं, वहीं दूसरी ओर पैदल चलने वाले परिजनों को भी यहां से गुजरना मुश्किल हो रहा है।
आईजीएमसी में सड़क किनारे सड़कों पर गाड़ियों से लोगों को सुरक्षित पैदल व्यवस्था के लिए नगर निगम शिमला फुटपाथ का निर्माण कर रहा है। लेकिन, कुछ दिनों से सड़क के किनारे मिट्टी के ढेर लगे हुए है। फुटपाथ बनाने के लिए सड़क किनारे किए गए गड्ढों से निकाले गए पत्थर और मिट्टी के ढेर दूसरी ओर फेंक दिए गए है। अमृत मिशन के तहत शहर में चार जगह फुटपाथ बनाने के प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिली है। एक करोड़ रुपये की लागत से चार जगहों पर फुटपाथ बनने तय हैं। इन्हीं फुटपाथों में से आईजीएमसी से डेंटल कॉलेज तक फुटपाथ बनाने का कार्य चला हुआ है। जबकि आए दिनों इन फुटपाथों को बनाने और गढ्ढों में से निकले वाले मलबे को यहां से हटाने की जिम्मेवारी तय नहीं की गई है। इसके कारण सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्सरे और मेडिसन, ईएनटी वार्ड जाने वाले मरीजों के तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लगातार धूल और मिट्टी के उड़ने वाले गुब्बार के कारण तीमारदार भी बीमारी की जद्द में आने की कगार पर है।
रोबोट से मिट्टी जल्द उठाई जाएगी
अस्पताल जाने वाली सड़क पर गिरी मिट्टी व पत्थरों के ढेर को रोबोट की मदद से उठाया जाएगा। किसी भी तरह की असुविधा यहां नहीं होने दी जाएंगी।
- सुधीर गुप्ता, अधिशासी अभियंता
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शिमला। आईजीएमसी जाने वाले लोगों की पैदल आवाजाही सुरक्षित करने के लिए बनाया जा रहे फुटपाथ निर्माण ने लोगों की राह को मुश्किल कर दिया है। आईजीएमसी के समीप दो सौ मीटर की सड़क में अभी फुटपाथ बनाने का काम किया जा रहा है। फुटपाथ को बनाए गढ्ढों से निकलने वाला मलबा दूसरी ओर पुरानी बिल्डिंग की ओर जाने वाली सड़क पर गिरा है। इसके कारण न तो मरीजों की गाड़ियां न तो आवाजाही कर पा रही हैं, वहीं दूसरी ओर पैदल चलने वाले परिजनों को भी यहां से गुजरना मुश्किल हो रहा है।
आईजीएमसी में सड़क किनारे सड़कों पर गाड़ियों से लोगों को सुरक्षित पैदल व्यवस्था के लिए नगर निगम शिमला फुटपाथ का निर्माण कर रहा है। लेकिन, कुछ दिनों से सड़क के किनारे मिट्टी के ढेर लगे हुए है। फुटपाथ बनाने के लिए सड़क किनारे किए गए गड्ढों से निकाले गए पत्थर और मिट्टी के ढेर दूसरी ओर फेंक दिए गए है। अमृत मिशन के तहत शहर में चार जगह फुटपाथ बनाने के प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिली है। एक करोड़ रुपये की लागत से चार जगहों पर फुटपाथ बनने तय हैं। इन्हीं फुटपाथों में से आईजीएमसी से डेंटल कॉलेज तक फुटपाथ बनाने का कार्य चला हुआ है। जबकि आए दिनों इन फुटपाथों को बनाने और गढ्ढों में से निकले वाले मलबे को यहां से हटाने की जिम्मेवारी तय नहीं की गई है। इसके कारण सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्सरे और मेडिसन, ईएनटी वार्ड जाने वाले मरीजों के तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लगातार धूल और मिट्टी के उड़ने वाले गुब्बार के कारण तीमारदार भी बीमारी की जद्द में आने की कगार पर है।
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रोबोट से मिट्टी जल्द उठाई जाएगी
अस्पताल जाने वाली सड़क पर गिरी मिट्टी व पत्थरों के ढेर को रोबोट की मदद से उठाया जाएगा। किसी भी तरह की असुविधा यहां नहीं होने दी जाएंगी।
- सुधीर गुप्ता, अधिशासी अभियंता