गुटखा, खैनी के शौकीन हैं तो जरा ध्यान से पढ़ लीजिए ये खबर
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अगर आप भी गुटखा, खैनी और कश लगाने के शौकीन हैं तो आज ही इस लत को छोड़ दीजिये। यह शौक जानलेवा है। विशेषज्ञों की मानें तो गुटका, खैनी, मसाला और सिगरेट मुंह के कैंसर सबसे बड़ा कारण है। राजधानी शिमला के कैंसर अस्पताल में चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। यहां हर रोज 40 से 50 मामले मुंह के कैंसर के सामने आ रहे हैं।
कैंसर अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि मुंह के कैंसर का मुख्य कारण पान मसाला चबाना है। शोध में साबित हुआ है कि चौदह-पंद्रह वर्ष के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। गुटका और तंबाकू का सेवन करना इसका मुख्य कारण है।
पिछले बीस वर्षों में गुटका चबाने की लत काफी बढ़ गई है। आंकड़ों के मुताबिक हर वर्ष कैंसर से दुनिया भर में 35 लाख लोगों की मौत होती है।
हर एक घंटे के अंदर 90 लोगों की मौत
इसमें विकसित देश भी पीछे नहीं हैं, यहां भी औसतन 10 लाख मौतें हो रही हैं। विशेषज्ञों की मानें तो हर तीसरा व्यक्ति जो धूम्रपान का सेवन भी करता है, वह भी कैंसर की चपेट में है।
वर्ष 2015 में 1250 लोग इसकी चपेट में आए हैं। इंडियन सेनेरियो के मुताबिक हिंदुस्तान में 45 फीसदी पुरुष और 12 फीसदी महिलाएं इसकी चपेट में हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि हर एक घंटे के अंदर 90 लोगों की मौत कैंसर से हो रही है।
मुंह में निकले छाले लंबे समय तक ठीक न होना मुंह के कैंसर का कारण बनता है। इसके साथ ही मुंह में खुदरापन होना, गाल का सूजना, मुंह को खोलने में दर्द होने से कैंसर की आशंका बढ़ जाती है।
अगर प्रारंभिक स्तर पर मुंह के कैंसर का पता चल जाए तो उपचार करने में चिकित्सकों का आसानी होती है। लेकिन अगर यह तीसरे व चौथे चरण में पहुंच जाए तो चिकित्सक कीमोथैरेपी की सलाह देते हैं।
इसमें मशीन की मदद से कंट्रोल्ड रेडिएशन ट्यूमर पर किरणें डालकर कैंसर की कोशिकाओं को खत्म किया जाता है। तंबाकू के सेवन से परहेज करना ही इस बीमारी से बचाव है।