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अब घर-घर जाकर पिलाएंगे ओआरएस घोल
Updated Tue, 13 Jun 2017 09:03 PM IST
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रिकागंपिओ (किन्नौर)।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में मंगलवार को विश्व दस्त नियंत्रण और स्तनपान पखवाड़ा का शुभारंभ विस उपाध्यक्ष जगत सिंह ने किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. एसएस नेगी ने कहा कि कार्यक्रम के तहत आशा वर्कर घर-घर जाकर दस्त से ग्रसित बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाएंगी और लोगों को जागरूक करेंगी। आशा वर्कर रोज 20 से 25 घरों को दौरा करेंगी।
जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में भी इस तरह की सुविधा उपलब्ध रहेगी। दस्त के दौरान बच्चे को ओआरएस का घोल पिलाएं और 14 दिन तक जिंक की गोली देते रहे। शौच जाने के बाद व खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोएं। एसएस नेगी ने कहा कि बच्चे को मां का पहला दूध जरूर पिलाएं और कम से कम छह माह तक मां का दूध पिलाना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि बच्चे को जन्म के बाद जन्म घुट्टी, शहद या गाय का दूध न दें, जिससे बच्चा स्वस्थ रहे। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी किन्नौर डॉ. पदम सिंह नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विद्या सागर नेगी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी क्षेत्रीय चिकित्सालय रिकांगपिओ डॉ. पवन जालटा, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष नेगी, बीसीसी समन्वयक रमेश नेगी, सुलोचना, सुनिता, पदम मनी व मस्तराम उपस्थित रहे।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत क्षेत्रीय अस्पताल रिकांगपिओ में मंगलवार को विश्व दस्त नियंत्रण और स्तनपान पखवाड़ा का शुभारंभ विस उपाध्यक्ष जगत सिंह ने किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. एसएस नेगी ने कहा कि कार्यक्रम के तहत आशा वर्कर घर-घर जाकर दस्त से ग्रसित बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाएंगी और लोगों को जागरूक करेंगी। आशा वर्कर रोज 20 से 25 घरों को दौरा करेंगी।
जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में भी इस तरह की सुविधा उपलब्ध रहेगी। दस्त के दौरान बच्चे को ओआरएस का घोल पिलाएं और 14 दिन तक जिंक की गोली देते रहे। शौच जाने के बाद व खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोएं। एसएस नेगी ने कहा कि बच्चे को मां का पहला दूध जरूर पिलाएं और कम से कम छह माह तक मां का दूध पिलाना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि बच्चे को जन्म के बाद जन्म घुट्टी, शहद या गाय का दूध न दें, जिससे बच्चा स्वस्थ रहे। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी किन्नौर डॉ. पदम सिंह नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विद्या सागर नेगी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी क्षेत्रीय चिकित्सालय रिकांगपिओ डॉ. पवन जालटा, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष नेगी, बीसीसी समन्वयक रमेश नेगी, सुलोचना, सुनिता, पदम मनी व मस्तराम उपस्थित रहे।
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