{"_id":"61d47fedabcc8f405c59818a","slug":"250-crore-project-is-out-from-smart-city-project-shimla-news-sml395688415","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्मार्ट सिटी से बाहर किए ढाई सौ करोड़ के प्रोजेक्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्मार्ट सिटी से बाहर किए ढाई सौ करोड़ के प्रोजेक्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निदेशक मंडल की बैठक में सूची से हटाए कई बड़े प्रोजेक्ट, न्यू शिमला में नहीं बनेगी सड़क
क्रॉसर
ढली बाजार को चौड़ा करने का सपना भी टूटा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अब करीब 250 करोड़ रुपये के प्रोजेक्टों पर काम नहीं होगा। इन प्रोजेक्टों को सूची से बाहर कर दिया है। इस फैसले के साथ ही शहरवासियों की सुविधा के लिए बनने वाले न्यू शिमला-बड़ागांव सड़क मार्ग, ढली बाजार को चौड़ा करने जैसे मेगा प्रोजेक्टों का सपना भी टूट गया है।
हालांकि पेयजल और सीवरेज से जुड़े कई प्रोजेक्ट जो सूची से हटाए हैं, उनका काम अमृत मिशन से करवाने का फैसला लिया है। मंगलवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई स्मार्ट सिटी के निदेशक मंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को चर्चा के लिए रखा गया। स्मार्ट सिटी प्रबंधन की ओर से तैयार किए इस प्रस्ताव में कहा गया कि जिन प्रोजेक्टों में क्लीयरेंस या अन्य पेच फंसे हैं, उन्हें सूची से बाहर कर दिया जाए ताकि दूसरे कामों में तेजी लाई जा सके। इसमें गिरि और गुम्मा पेयजल परियोजनाओं को 75 करोड़ से अपग्रेड करने, 22 करोड़ से सीवरेज नेटवर्क बिछाने, पेयजल सप्लाई और बिलिंग से जुड़े 10 करोड़ के स्काडा सिस्टम प्रोजेक्ट, 22 करोड़ से नई सीवरेज लाइनें बिछाने के प्रोजेक्ट को भी सूची से हटा दिया है। इनका काम अब अमृत मिशन और वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट से किया जाएगा। रिज बचाने का प्रोजेक्ट भी फिलहाल सूची से हटा दिया है। इसका काम लोनिवि अपने फंड से करेगा। बैठक में यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि किसी प्रोजेक्ट में क्लीयरेंस मिल जाती है तो उन पर काम किया जा सकता है।
यह प्रोजेक्ट किए सूची से बाहर
75 करोड़ से गिरि-गुम्मा पेयजल परियोजनाएं अपग्रेड करने का प्रोजेक्ट
10 करोड़ का पेयजल सप्लाई-बिलिंग के लिए बनने वाला ऑनलाइन स्कॉडा सिस्टम
22 करोड़ से पंथाघाटी, मशोबरा में सीवरेज नेटवर्क बिछाने का प्रोजेक्ट
22 करोड़ से रिज को बचाने के लिए बनने वाला प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट जो अब बनेंगे ही नहीं
5 करोड़ से मालरोड पर पेयजल-बिजली लाइनें अंडरग्राउंड करने के लिए नहीं बनेगा डक्ट, यहां खुदाई नहीं कर सकते
15 करोड़ से ढली बाजार को चौड़ा करने, व्यावसायिक परिसर बनाने का प्रोजेक्ट, क्लीयरेंस न मिलने से रद्द हुआ प्रोजेक्ट
न्यू शिमला से वाया रझाणा बड़ागांव तक बनने वाला वैकल्पिक सड़क मार्ग
कंगनाधार में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास बनने वाली मल्टी स्टोरी पार्किंग
टेंडर होने के बाद भी टूटा
सड़क, पार्किंग का सपना
न्यू शिमला से बड़ागांव बाइपास तक बनने वाली डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अब नहीं बनेगी। लोनिवि इसका काम शुरू करवाने की तैयारी में था कि ऐन मौके पर इसे सूची से हटा दिया है। स्मार्ट सिटी प्रबंधन का कहना है कि यह क्षेत्र एडीबी एरिया से बाहर है। स्मार्ट सिटी से सिर्फ एडीबी एरिया में काम हो सकता है। ऐसे में यह सड़क नहीं बन सकती। इस सड़क के बनने से न्यू शिमला शोघी के बीच करीब दस किलोमीटर की दूरी कम होनी थी। शहर में वाहनों की आवाजाही भी डायवर्ट होनी थी। लेकिन अब स्मार्ट सिटी मिशन से इसके लिए पैसा नहीं मिल पाएगा। ढली बाजार चौड़ा करने का प्रोजेक्ट भी बाहर हो गया। बाजार में कुछ जगह पर फॉरेस्ट क्लीयरेंस न मिलने और कुछ कारोबारियों के दुकानें शिफ्ट न करने से इस प्रोजेक्ट को हटाया गया। कंगनाधार में जो जगह पार्किंग के लिए चुनी थी उसे फिजिबल नहीं माना गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्रॉसर
ढली बाजार को चौड़ा करने का सपना भी टूटा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अब करीब 250 करोड़ रुपये के प्रोजेक्टों पर काम नहीं होगा। इन प्रोजेक्टों को सूची से बाहर कर दिया है। इस फैसले के साथ ही शहरवासियों की सुविधा के लिए बनने वाले न्यू शिमला-बड़ागांव सड़क मार्ग, ढली बाजार को चौड़ा करने जैसे मेगा प्रोजेक्टों का सपना भी टूट गया है।
हालांकि पेयजल और सीवरेज से जुड़े कई प्रोजेक्ट जो सूची से हटाए हैं, उनका काम अमृत मिशन से करवाने का फैसला लिया है। मंगलवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई स्मार्ट सिटी के निदेशक मंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को चर्चा के लिए रखा गया। स्मार्ट सिटी प्रबंधन की ओर से तैयार किए इस प्रस्ताव में कहा गया कि जिन प्रोजेक्टों में क्लीयरेंस या अन्य पेच फंसे हैं, उन्हें सूची से बाहर कर दिया जाए ताकि दूसरे कामों में तेजी लाई जा सके। इसमें गिरि और गुम्मा पेयजल परियोजनाओं को 75 करोड़ से अपग्रेड करने, 22 करोड़ से सीवरेज नेटवर्क बिछाने, पेयजल सप्लाई और बिलिंग से जुड़े 10 करोड़ के स्काडा सिस्टम प्रोजेक्ट, 22 करोड़ से नई सीवरेज लाइनें बिछाने के प्रोजेक्ट को भी सूची से हटा दिया है। इनका काम अब अमृत मिशन और वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट से किया जाएगा। रिज बचाने का प्रोजेक्ट भी फिलहाल सूची से हटा दिया है। इसका काम लोनिवि अपने फंड से करेगा। बैठक में यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि किसी प्रोजेक्ट में क्लीयरेंस मिल जाती है तो उन पर काम किया जा सकता है।
विज्ञापन
यह प्रोजेक्ट किए सूची से बाहर
75 करोड़ से गिरि-गुम्मा पेयजल परियोजनाएं अपग्रेड करने का प्रोजेक्ट
10 करोड़ का पेयजल सप्लाई-बिलिंग के लिए बनने वाला ऑनलाइन स्कॉडा सिस्टम
22 करोड़ से पंथाघाटी, मशोबरा में सीवरेज नेटवर्क बिछाने का प्रोजेक्ट
22 करोड़ से रिज को बचाने के लिए बनने वाला प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट जो अब बनेंगे ही नहीं
5 करोड़ से मालरोड पर पेयजल-बिजली लाइनें अंडरग्राउंड करने के लिए नहीं बनेगा डक्ट, यहां खुदाई नहीं कर सकते
15 करोड़ से ढली बाजार को चौड़ा करने, व्यावसायिक परिसर बनाने का प्रोजेक्ट, क्लीयरेंस न मिलने से रद्द हुआ प्रोजेक्ट
न्यू शिमला से वाया रझाणा बड़ागांव तक बनने वाला वैकल्पिक सड़क मार्ग
कंगनाधार में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास बनने वाली मल्टी स्टोरी पार्किंग
टेंडर होने के बाद भी टूटा
सड़क, पार्किंग का सपना
न्यू शिमला से बड़ागांव बाइपास तक बनने वाली डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अब नहीं बनेगी। लोनिवि इसका काम शुरू करवाने की तैयारी में था कि ऐन मौके पर इसे सूची से हटा दिया है। स्मार्ट सिटी प्रबंधन का कहना है कि यह क्षेत्र एडीबी एरिया से बाहर है। स्मार्ट सिटी से सिर्फ एडीबी एरिया में काम हो सकता है। ऐसे में यह सड़क नहीं बन सकती। इस सड़क के बनने से न्यू शिमला शोघी के बीच करीब दस किलोमीटर की दूरी कम होनी थी। शहर में वाहनों की आवाजाही भी डायवर्ट होनी थी। लेकिन अब स्मार्ट सिटी मिशन से इसके लिए पैसा नहीं मिल पाएगा। ढली बाजार चौड़ा करने का प्रोजेक्ट भी बाहर हो गया। बाजार में कुछ जगह पर फॉरेस्ट क्लीयरेंस न मिलने और कुछ कारोबारियों के दुकानें शिफ्ट न करने से इस प्रोजेक्ट को हटाया गया। कंगनाधार में जो जगह पार्किंग के लिए चुनी थी उसे फिजिबल नहीं माना गया।
विज्ञापन