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स्कूल बस पास की दरों में बढ़ोतरी पर भड़के अभिभावक
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:16 AM IST
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स्कूल बस पास की दरें बढ़ाने पर भड़के अभिभावक
डीसी, एसडीएम और एमडी एचआरटीसी को सौंपा ज्ञापन
सीएम, शिक्षा मंत्री और परिवहन मंत्री से जताएंगे विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से शिमला शहर के निजी और कान्वेंट स्कूलों के बच्चों के बस पास की दरों में एकमुश्त 50 फीसदी बढ़ोतरी पर शहर के अभिभावक भड़क गए हैं। मंगलवार को अभिभावक पूर्व पार्षद सुशांत कपरेट की अगुवाई में इस मुद्दे पर उपायुक्त शिमला अमित कश्यप, एसडीएम शिमला शहरी नीरज चांदला और एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक से मिले और मनमाने तरीके से की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। अभिभावक एचआरटीसी के इस फैसले को वापस करवाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शिक्षा मंत्री और शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज सहित परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर से भी मिलने की तैयारी में हैं।
पूर्व पार्षद सुशांत कपरेट ने बताया कि शिमला के लोगों पर वित्तीय बोझ डालने के लिए एचआरटीसी ने यह फैसला लिया है। एचआरटीसी प्रदेश के अन्य शहरों में भी स्कूल बसों का संचालन कर रहा है, लेकिन सिर्फ शिमला शहर के बस पास महंगे कर दिए गए हैं। बस पास में एकमुश्त 50 फीसदी की बढ़ोतरी किसी भी तरह से तर्कसंगत नहीं है। एचआरटीसी को अगर स्लैब बढ़ाने ही थे तो नए शैक्षणिक सत्र से दस फीसदी बढ़ोतरी की जा सकती थी। स्कूली बच्चों के अभिभावकों की जेब पर डाका डालने के लिए सीधे 50 फीसदी बढ़ोतरी की गई है। अभिभावक प्रेम कृष्ण जस्टा ने बताया कि शैक्षणिक सत्र के बीच स्कूल बस पास की दरों में बढ़ोतरी सरासर गलत है। अगर एचआरटीसी घाटे में है तो घाटे की पूर्ति स्कूली बच्चों से नहीं की जा सकती। एचआरटीसी लाभ कमाने की संस्था नहीं है। बल्कि सामाजिक दायित्वों की पूर्ति के लिए प्रदेश सरकार के सहयोग से एचआरटीसी का संचालन किया जा रहा है।
विधानसभा में गूंजेगा मामला
एचआरटीसी की ओर से बस पास की दरों में की गई 50 फीसदी बढ़ोतरी का मुद्दा सीपीआईएम के नेता और ठियोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक राकेश सिंघा विधानसभा में उठाएंगे। मंगलवार को शहर के अभिभावकों ने सिंघा को एचआरटीसी की मनमानी से अवगत करवाया। सिंघा का कहना है कि बच्चों को रियायती बस पास सुविधा उपलब्ध करवाने के स्थान पर मनमानी दरें वसूलना सरासर गलत है। विधानसभा में यह मामला उठा कर बढ़ाई गई दरें वापस लेने की मांग उठाई जाएगी।
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रियायत तो दूर सामान्य किराये से भी महंगे कर दिए पास
बच्चों को किराये में रियायत देना तो दूर एचआरटीसी ने बस पास सामान्य किराये से भी महंगे कर दिए हैं। भट्ठाकुफर से डीएवी न्यू शिमला का एक ओर का साधारण किराया 20 रुपये है। जबकि दोनों ओर का एक दिन का किराया 40 रुपये बनता है। ऐसे में 30 दिन का किराया 1200 रुपये बनता है। महीने में चार या पांच संडे और एक सेकेंड सेटरडे की छुट्टी होती है। ऐसे में अभी तक एचआरटीसी बच्चों से 25 दिन का 1200 रुपये किराया वसूल रहा था लेकिन ताजा आदेशों के बाद अब एचआरटीसी स्कूली बच्चों से सामान्य किराये से भी 50 फीसदी अधिक पैसा ऐंठने की तैयारी में है।
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डीसी, एसडीएम और एमडी एचआरटीसी को सौंपा ज्ञापन
सीएम, शिक्षा मंत्री और परिवहन मंत्री से जताएंगे विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से शिमला शहर के निजी और कान्वेंट स्कूलों के बच्चों के बस पास की दरों में एकमुश्त 50 फीसदी बढ़ोतरी पर शहर के अभिभावक भड़क गए हैं। मंगलवार को अभिभावक पूर्व पार्षद सुशांत कपरेट की अगुवाई में इस मुद्दे पर उपायुक्त शिमला अमित कश्यप, एसडीएम शिमला शहरी नीरज चांदला और एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक से मिले और मनमाने तरीके से की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। अभिभावक एचआरटीसी के इस फैसले को वापस करवाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शिक्षा मंत्री और शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज सहित परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर से भी मिलने की तैयारी में हैं।
पूर्व पार्षद सुशांत कपरेट ने बताया कि शिमला के लोगों पर वित्तीय बोझ डालने के लिए एचआरटीसी ने यह फैसला लिया है। एचआरटीसी प्रदेश के अन्य शहरों में भी स्कूल बसों का संचालन कर रहा है, लेकिन सिर्फ शिमला शहर के बस पास महंगे कर दिए गए हैं। बस पास में एकमुश्त 50 फीसदी की बढ़ोतरी किसी भी तरह से तर्कसंगत नहीं है। एचआरटीसी को अगर स्लैब बढ़ाने ही थे तो नए शैक्षणिक सत्र से दस फीसदी बढ़ोतरी की जा सकती थी। स्कूली बच्चों के अभिभावकों की जेब पर डाका डालने के लिए सीधे 50 फीसदी बढ़ोतरी की गई है। अभिभावक प्रेम कृष्ण जस्टा ने बताया कि शैक्षणिक सत्र के बीच स्कूल बस पास की दरों में बढ़ोतरी सरासर गलत है। अगर एचआरटीसी घाटे में है तो घाटे की पूर्ति स्कूली बच्चों से नहीं की जा सकती। एचआरटीसी लाभ कमाने की संस्था नहीं है। बल्कि सामाजिक दायित्वों की पूर्ति के लिए प्रदेश सरकार के सहयोग से एचआरटीसी का संचालन किया जा रहा है।
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विधानसभा में गूंजेगा मामला
एचआरटीसी की ओर से बस पास की दरों में की गई 50 फीसदी बढ़ोतरी का मुद्दा सीपीआईएम के नेता और ठियोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक राकेश सिंघा विधानसभा में उठाएंगे। मंगलवार को शहर के अभिभावकों ने सिंघा को एचआरटीसी की मनमानी से अवगत करवाया। सिंघा का कहना है कि बच्चों को रियायती बस पास सुविधा उपलब्ध करवाने के स्थान पर मनमानी दरें वसूलना सरासर गलत है। विधानसभा में यह मामला उठा कर बढ़ाई गई दरें वापस लेने की मांग उठाई जाएगी।
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रियायत तो दूर सामान्य किराये से भी महंगे कर दिए पास
बच्चों को किराये में रियायत देना तो दूर एचआरटीसी ने बस पास सामान्य किराये से भी महंगे कर दिए हैं। भट्ठाकुफर से डीएवी न्यू शिमला का एक ओर का साधारण किराया 20 रुपये है। जबकि दोनों ओर का एक दिन का किराया 40 रुपये बनता है। ऐसे में 30 दिन का किराया 1200 रुपये बनता है। महीने में चार या पांच संडे और एक सेकेंड सेटरडे की छुट्टी होती है। ऐसे में अभी तक एचआरटीसी बच्चों से 25 दिन का 1200 रुपये किराया वसूल रहा था लेकिन ताजा आदेशों के बाद अब एचआरटीसी स्कूली बच्चों से सामान्य किराये से भी 50 फीसदी अधिक पैसा ऐंठने की तैयारी में है।