फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   राजस्व विभाग का महागड़बड़ झाला

राजस्व विभाग का कारनामा, तकसीम में बदल दिए जमीन के खसरा नंबर

Thu, 08 Nov 2018 11:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 08 Nov 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
राजस्व विभाग का महागड़बड़ झाला

 शहर के साथ लगते सरगीण और दोची में राजस्व महकमे ने करोड़ों की जमीन की ऐसी पैमाईश कर डाली की भूमि मालिकों के खाता नंबर इधर से उधर हो गए। लोगों की जमीन भी किसी दूसरे खाते में शिफ्ट हो गई। मालिकाना हक किसी और के नाम होने से हिस्सेदारों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

विज्ञापन


इसमें एक दो नहीं बल्कि सरगीण गांव के 40 और दोची गांव के 73 हिस्सेदार शामिल हैं। इसमें एक हिस्सेदार ऐसे भी हैं जिनका दस्तावेजों में पहले डेढ़ बीघा हक था अब इसकी जगह नौ बिस्वा रह गया।राजस्व विभाग ने सौ बीघा से अधिक इस जमीन की तकसीम भी कर दी है।
विज्ञापन


हिस्सेदारों को जब इस कथित गड़बड़झाले का पता चला तो उन्होंने तत्काल इंतकाल को रद्द करने के लिए लिखित में उपायुक्त को शिकायत पत्र सौंपा।
तत्कालीन राजस्व अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

इस पूरे प्रकरण में पहले चरण में 40 हिस्सेदारों ने एक संयुक्त शिकायत दी है। इनमें शिकायतकर्ता नारायण सिंह ठाकुर ने कहा कि बंदोबस्त से पहले सरगीण गांव एक ही था लेकिन बाद में दो हिस्सों में बदल दिया। इसमें एक सरगीण और दूसरा दोची गांव हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

जमीन की रजिस्ट्री और ऋण लेने पर लगे रोक

राजस्व विभाग का महागड़बड़ झाला

इन दो जगहों पर गांव वालों की बीघों के हिसाब से जमीनें हैं और इनके 100 से भी अधिक हिस्सेदार हैं। 28 जनवरी 2017 को तकसीम के लिए आवेदन किया। इसके बाद पता चला कि मालिकाना हक किसी और के नाम हो गया है। यह अकेले उनके साथ नहीं कई हिस्सेदारों के साथ हुआ है।

यह सब तत्कालीन राजस्व अधिकारी और कर्मचारियों की वजह से हुआ है क्योंकि जब उनसे उस समय बात की गई तो उन्होंने कहा कि तकसीम हो गई अब बाद में तबादला करवा लेना। उन्होंने जमीन के दस्तावेज हासिल किए तो हैरान रह गए।

जमीन का न ही वह ततीमा था और न ही खसरा नंबर था। ततीमा से ही पता चला कि अब जमीन कहीं और है और यह किसी और नंबर पर चढ़ा दी है। इस खुलासे के बाद कई हिस्सेदारों ने इस पर आपत्ति जता दी है और उपायुक्त को भी लिखित में शिकायत दे दी है।

हिस्सेदारों ने उपायुक्त से अपील की है कि जब तक इंतकाल को रद्द न किया जाए तब तक जमीन के इन खाता नंबरों की रजिस्ट्री करने पर तत्काल रोक लगा दी जाए। न ही इन खाता नंबरों पर ऋण लेने की स्वीकृति दी जाए।

राजस्व महकमे की वजह से दर्जनों हिस्सेदारों को परेशानी में डाल दिया है। इसके पीछे जो भी उनके खिलाफ कार्रवाई हो। डीसी शिमला अमित कश्यप ने कहा कि शिकायतपत्र को पढ़ने के बाद सभी तथ्य जांचें जाएंगे। आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसमें अगर किसी की लापरवाही पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed